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तस्वीरें: तंबुओं की नगरी में अब जप-तप-ध्यान का संगम, आकर्षण का केंद्र बनी पूजा

Wed, 16 Jan 2019 09:04 PM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: vivek shukla Updated Wed, 16 Jan 2019 09:04 PM IST
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Worship start after shahi snan in kumbh mela
kumbh

कुंभ में प्रथम स्नान के बाद बुधवार को बाबाओं, कल्पवासियों-श्रद्धालुओं के शिविरों में जप-तप-ध्यान साधना का अनूठा संगम देश-दुनिया से उमड़े लोगों के लिए अनुकरणीय बन गया। तंबुओं में सजे धूने पर बाबाओं के वेश-बाना आकर्षण के केंद्र बन गए। हर तरफ मानवता, सेवा और संस्कार की सीख लेने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। शाम तक देश के हर हिस्से से शिष्यों की मंडलियां बाबाओं के शिविरों में पहुंचीं। कहीं रामकथा तो कहीं लीलाओं का मंचन देखने के लिए भीड़ लग गई। ढोल-मंजीरे गूंजने लगे। संगम तीरे से लेकर शिविरों तक सांस्कृतिक-आध्यात्मिक गरिमा की गूंज सुनाई देने लगी है।

Worship start after shahi snan in kumbh mela
shahi snan

विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन के रूप में कुंभ मेला सज गया। नागा संन्यासियों के धूने सबका ध्यान खींच रहे हैं। पंच दशनाम जूना अखाड़े में देवता-निशान की पूजा के बाद पुकार शुरू हुई तो दूसरी ओर कतारबद्ध धूनों पर नागाओं के एक से एक स्वरूपों के दर्शन के लिए महिलाओं, पुरुषों की भीड़ लग गई। सवा लाख रुद्राक्ष के दानों की माला और मुकुट धारण करने वाले बाबा शक्ति गिरि जी महाराज जगत के कल्याण के लिए साधना में रम गए।

Worship start after shahi snan in kumbh mela
kumbh
मोरपंखी वाले बाबा डांडी गिरि, गड़ासा वाले बाबा भवानी शंकर गिरि, आनंद अखाड़ के सामने बाबा बर्फानी नागा बाबा सेवा का संदेश दे रहे हैं। काशी अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र के शिविर में वेदपाठी ब्राह्मणों ने विश्व शांति के लिए सस्वर वेद मंत्रोच्चार और यज्ञ शुरू कर दिया। पंजाब से आए महामंडलेश्वर सांवरिया बाबा के शिविर में राम मंदिर निर्माण की कामना से यज्ञ शुरू हो गया। यहां दिन भर आहुति हुई।
 
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Worship start after shahi snan in kumbh mela
shahi snan

बाबा बालकानंद महाराज और सिद्धेश्वरी आनंदमयी माता के शिविर में सत्संग सुनने के लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं, अनुयायियों की भीड़ संगीतमय भजनों पर झूमती-थिरकती रही। त्रिवेणी बांध उतरते ही जम्म-कश्मीर की भजन मंडली का कीर्तन सुनने के लिए लोग खड़े रहे। इसी तरह संगम तट पर एक तरफ डुबकी लगती रही तो दूसरी ओर जगह-जगह माला जपने, ध्यान करने वाले ध्यानियों, बैरागियों की टोलियां अपनी धुन में रमी नजर आईं।

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Worship start after shahi snan in kumbh mela
shahi snan

ग्वालियर से आए संत प्राण सरन, महंत हरिनाथ और बाबा नाथू राम के अलावा कई संत संगम की रेती पर दिन भर जप, ध्यान करते रहे। आध्यात्म-संस्कृति के इस संगम में तरह-तरह की बोली, वेश वाले भक्त रम गए हैं।     

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