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यूपीपीएससीः उत्तर कुंजी के मामले में न्यायालय जा सकते हैं अभ्यर्थी

Thu, 20 Feb 2020 08:58 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 20 Feb 2020 08:58 PM IST
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UPPSC: Candidates can go to court in case of answer key
uppsc

पीसीएस-2019 की प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर कुंजी अंतिम चयन के बाद जारी की जाएगी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के इस निर्णय के खिलाफ अभ्यर्थी न्यायालय की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं। उत्तर कुंजी के मामले में छह साल पहले भी आयोग विवादों में घिरा था। तब आयोग परीक्षाओं की उत्तर कुंजी जारी ही नहीं करता था।

UPPSC: Candidates can go to court in case of answer key
यूपीपीएससी परीक्षा में हुए बदलाव - फोटो : अमर उजाला

पीसीएस-2014 में गलत सवाल पूछे जाने के मामले में अभ्यर्थियों ने न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। उस वक्त कोर्ट ने यूपीपीएससी से जवाब मांगा था। आयोग ने जवाब के साथ बंद लिफाफे में कुछ दस्तावेज भी कोर्ट को सौंपे थे। एक साल बाद आयोग के दफ्तर से वह दस्तावेज बाहर आया तो पता चला कि आयोग ने 29 अगस्त 2014 को बैठक कर उत्तर कुंजी जारी किए जाने का निर्णय लिया था। हालांकि आयोग ने पीसीएस-2014 की उत्तर कुंजी जारी नहीं की थी।

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UPPSC pcs 2017 result - फोटो : अमर उजाला

आयोग की बैठक में तय हुआ था कि परीक्षा में प्राप्त सभी उत्तर पत्रों की स्कैनिंग की कार्यवाही समाप्त होने के बाद चारों सिरीज की उत्तर कुंजी जारी की जाएगी और अभ्यर्थियों से आपत्ति प्राप्त की जाएगी। दोनों कमेटियों की आख्या समान होने पर स्वीकार की जाएगी। अगर कमेटी की आख्याओं में कोई हैं तो तीसरी कमेटी गठित की जाएगी, जिसमें पूर्व की दोनों कमेटियों का कोई सदस्य नहीं होगा और तीसरी कमेटी से विवादित प्रश्नों के बारे में संस्तुति प्राप्त कर अंतिम उत्तरकुंजी परिणाम घोषित करने के साथ ही जारी कर दी जाएगी। यह प्रक्रिया स्क्रीनिंग परीक्षा के संबंध में भी अपनाई जाएगी।

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यूपीपीएससी - फोटो : अमर उजाला

आयोग ने अब इसी निर्णय को बदला है और अंतिम उत्तरकुंजी अंतिम चयन परिणाम घोषित होने के बाद जारी करने का निर्णय लिया है, जिसका अभ्यर्थी विरोध कर रहे हैं। हालांकि छह साल पहले आयोग परीक्षाओं की उत्तरकुंजी जारी नहीं करता था। अभ्यर्थियों को जब अगस्त 2014 के निर्णय के बारे में पता चला था, जब उन्होंने उत्तरकुंजी जारी करने के लिए दबाव बनाना शुरू किया और इसके बाद आयोग ने उत्तरकुंजी जारी करने की प्रक्रिया शुरू की लेकिन उत्तरकुंजी जारी होने के बाद हर बार सवालों का विवाद न्यायालय पहुंचा। इस बार अभ्यर्थी उत्तरकुंजी जारी किए जाने की प्रक्रिया में बदलाव के खिलाफ न्यायालय जाने की तैयारी कर रहे हैं।

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कैसे पता चलेगा, कहां रह गए पीछे

आयोग ने इस बार निर्णय लिया था कि पीसीएस-2019 में पदों की संख्या के मुकाबजे 18 के बजाय 13 गुना अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया जाएगा। हालांकि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में 12 गुना अभ्यर्थी ही सफल घोषित किए गए। अभ्यर्थी अब यह जानना चाहते हैं कि वे कहां पीछे रह गए लेकिन यह तभी स्पष्ट हो सकेगा, जब अंतिम उत्तरकुंजी जारी होगी। अभ्यर्थियों के लिए अब सवालों के गलत होने का दावा करना भी अंतिम चयन परिणाम आने तक संभव नहीं होगा और तब तक काफी दे हो चुकी होगी। ऐसे ही तमाम कारणों से अभ्यर्थी न्यायालय जाने की तैयारी कर रहे हैं।
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