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प्रयागराज संत सम्मेलन में लिए गए निर्णय पर आखिर लग ही गई मुहर

Thu, 20 Feb 2020 01:46 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 20 Feb 2020 01:46 AM IST
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The decision taken in the saint conference was finally approved
महंत नृत्यगोपाल दास - फोटो : अमर उजाला

विश्व हिंदू परिषद के माघ मेला शिविर में आयोजित संत सम्मेलन में पास हुए तमाम प्रस्ताव पर राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक में मुहर लग गई। पिछले माह माघ मेले में 20 एवं 21 जनवरी को विहिप केंद्रीय मार्ग दर्शक मंडल और संत सम्मेलन में ही महंत नृत्य गोपाल दास को ट्रस्ट का अध्यक्ष एवं विहिप केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय को ट्रस्ट में शामिल करने का प्रस्ताव पास किया गया था। यह दोनों ही प्रस्ताव पहली बैठक में रखे जाने के साथ पास भी कर दिए गए।

The decision taken in the saint conference was finally approved
महंत नृत्य गोपाल दास

विहिप के संत सम्मेलन में महंत नृत्य गोपाल दास और चंपत राय को ट्रस्ट में शामिल करने के साथ ही उनके मॉडल पर मंदिर निर्माण की वकालत की गई थी। तब संतों ने जोर शोर से कहा था कि विहिप मॉडल ही अपनाया जाना चाहिए। इस दौरान स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने यह भी कहा था कि अगर राम जन्मभूमि न्यास और आंदोलन में हिस्सा लेने वाले संतों को मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी नहीं मिली तो वह न कभी अयोध्या जाएंगे और न ही सरयू स्नान करेंगे।

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vasudevanand saraswati - फोटो : प्रयागराज

विहिप पदाधिकारियों का कहना है कि अब हमारी इच्छा है कि मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन चैत्र प्रतिपदा से शुरू हो जाए। विहिप मीडिया प्रभारी अश्विनी मिश्र का कहना है कि अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर मॉडल के तहत 70 फीसदी से ज्यादा पत्थर तराशे जा चुके हैं। संत सम्मेलन में भी संतों ने एक स्वर से विहिप मॉडल पर ही मंदिर निर्माण की वकालत की थी। कहा अब वह दिन दूर नहीं जब इसी मॉडल पर मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। 

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तराशे गए पत्थर व विहिप का राम मंदिर मॉडल। - फोटो : amar ujala
1989 के प्रयाग कुंभ में पहली बार रखा गया था मॉडल

स्वामी वासुदेवानंद की  मौजूदगी में वर्ष 1989 में प्रयाग महाकुंभ के दौरान हुई धर्मसंसद में अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर  का मॉडल स्वीकृत हुआ था। विहिप प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार बताते हैं कि उसी दौरान मंदिर निर्माण के लिए प्रत्येक हिंदू से सवा-सवा रुपये लिए जाने की मुहिम शुरू की गई थी। स्वर्गीय अशोक सिंहल, रामचंद्र परमहंस दास, देवराहा बाबा, अवैध नाथ आदि ने 1984 से मंदिर निर्माण के लिए जो आंदोलन शुरू किया। उसी वजह से अब राम मंदिर निर्माण का सपना साकार होने जा रहा है। उधर विहिप कार्यालय में महंत नृत्य गोपाल दास को ट्रस्ट का अध्यक्ष एवं चंपत राय को महामंत्री बनाए जाने का संगठन पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है। अपनी खुशी जाहिर करने वालों में कार्यालय प्रमुख सुनील सिंह, विमल प्रकाश, सुरेश अग्रवाल, आरएम गोयल, अमरनाथ तिवारी, गौरव जायसवाल आदि शामिल रहे।
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