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यूपी : मंत्री संजय निषाद बोले- जहां कम वहां हम फार्मूले पर विधानसभा चुनाव में सीट मांग रही है निषाद पार्टी

Sat, 19 Sep 2026 05:01 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 19 Sep 2026 05:01 PM IST
सार

कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में पार्टी जहां कम वहां हम फार्मूले पर भाजपा से टिकट की बात कर रही है।

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Minister Sanjay Nishad says Nishad Party seats UP Assembly elections Jahan Kam Vahan Hum Farmula
डॉ. संजय निषाद, कैबिनेट मंत्री। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में पार्टी जहां कम वहां हम फार्मूले पर भाजपा से टिकट की बात कर रही है। कहा कि एनडीए के भीतर घटक दलों में सीट बंटवारे को लेकर कोई मतभेद नहीं है, लेकिन निषाद पार्टी ने भाजपा से मांग की है कि बीजेपी जिन सीटों पर कभी भी चुनाव नहीं जीत की है और वह सीट निषाद और बिंद बाहुल्य है तो वह निषाद पार्टी  को दे दी जाए, हम वहां पूरी मजबूती के साथ चुनाव में उतरेंगे। डॉ. संजय निषाद शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

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उन्होंने कहा कि गत दिनों उनकी मुलाकात भाजपा के प्रदेश प्रभारी संजय तावड़े के साथ हुई है। यह मुलाकात कोई राजनैतिक या चुनावी नहीं थी, बल्कि शिष्टाचार भेंट थी। उन्होंने तावड़े को चाय पीने के लिए आमंत्रित किया था, जिसे स्वीकार करते हुए तावड़े उनके आवास पर पहुंचे थे। डॉ. निषाद ने कहा कि इस दौरान उनकी विधानसभा चुनाव को लेकर कुछ बातचीत हुई। कहा कि सपा, कांग्रेस और बसपा सरकारों में निषाद समुदायक को उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिला है। योगी सरकार में मछुआ समाज के लिए अलग मंत्रालय बनाया गया है। पहले की सरकारों ने मत्स्य मंत्रालय को किसी बड़े मंत्रालय के साथ संबद्ध  किया था। 
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नेता विपक्ष माता प्रसाद अभिभावक के समान

डॉ. संजय निषाद ने कहा कि यूपी में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय छात्र जीवन से ही उनके अभिभावक के समान रहे हैं। वह उनसे हमेशा मुलाकात  करते रहते हैं। यह सामाजिक शिष्टाचार है कि जब कोई बीमार होता है या अस्पताल में भर्ती होता है तो लोग उसका हालचाल लेने के लिए जाते हैं या उससे बात करते हैं। माता प्रसाद पांडेय के अस्वस्थ होने की जानकारी  मिलने  पर वह उनसे मुलाकात करने पहुंचे थे। इसका कोई दूसरा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। 

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