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चीन का मिशन एआई: रोबोटिक्स-टेक्नोलॉजी के दम पर दुनिया में बढ़त बनाने की तैयारी, अमेरिका को चुनौती देने में लगा

Thu, 24 Sep 2026 05:17 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Thu, 24 Sep 2026 05:17 AM IST
सार

चीन भारी सरकारी निवेश, एआई, रोबोटिक्स और उन्नत विनिर्माण के जरिए अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और समाज में तकनीकी बदलाव लाकर वैश्विक तकनीकी नेतृत्व हासिल करने की कोशिश कर रहा है।

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China AI Mission Preparing to gain global edge through robotics and technology aiming to challenge US
रोबोट के साथ चीनी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बीजिंग में पूर्व खेतिहर जमीन पर अब खड़े एक चमचमाते प्रौद्योगिकी पार्क में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दो रोबोटिक हाथों को धीरे-धीरे एक सुई में धागा पिरोते हुए देखा। तभी वह बोले, यही वह चीज है जो चीन के भविष्य को सुरक्षित करेगी। यह एआई चीन के कारखानों, अस्पतालों, स्कूलों में हर जगह होगा। यह एक ऐसा भविष्य है जिसमें अमेरिका नहीं, बल्कि चीन दबदबा रखेगा।

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विजन को पूरा करने में जुटी चीनी सरकार
शी जिनपिंग के अपने शब्दों में, यह तकनीक एक लीड गूज (अगुवा हंस) की तरह चीन को उसकी अगली आर्थिक क्रांति की ओर उड़ान भरवाएगी। उन्होंने कहा, उन्नत रोबोटिक्स और उच्च-स्तरीय विनिर्माण के जरिये अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगा। इस विजन को साकार करने के लिए चीनी सरकार अपनी पूरी ताकत लगा रही है। बीजिंग के बाहरी क्षेत्र स्थित जिस पार्क का शी ने दौरा किया, वहां सैकड़ों कंपनियां अत्याधुनिक चिप्स और एआई मॉडल विकसित करने में जुटी हैं। स्थानीय प्रशासन उन्हें करोड़ों डॉलर का मुफ्त कंप्यूटिंग पावर दे रहा है।
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ब्रेन इंप्लांट समेत कई आविष्कार  
शी ने कहा, चीन की ताकत किसी एक दिशा पर पूरा ध्यान केंद्रित कर उसे अंजाम तक पहुंचाने की क्षमता में है। इस प्रौद्योगिकी पार्क में परमाणु मिसाइलों को संचालित करने वाली चिप्स और लकवाग्रस्त मरीजों को बोलने में मदद करने वाले ब्रेन-इम्प्लांट जैसे आविष्कार प्रदर्शित हैं। उपस्थित उद्यमियों, शोधकर्ताओं और अधिकारियों से उन्होंने कहा कि बड़े कार्यों को पूरा करने के लिए संसाधन केंद्रित करने की अपनी राष्ट्रीय बढ़त का पूरा इस्तेमाल करना होगा।
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भारी सरकारी पूंजी निवेश
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, 2000 से 2023 के बीच सरकार-नेतृत्व वाले फंड्स ने एआई कंपनियों में 184 अरब डॉलर से ज्यादा झोंके। पिछले साल सरकार व सरकारी बैंकों ने सैकड़ों अरब डॉलर और देने का वादा किया। हालांकि चीन में निजी एआई निवेश अमेरिका के मुकाबले कहीं कम है। 

रिटायर कामगारों की जगह लेंगे रोबोट्स
चीन में बढ़ती बुजुर्ग आबादी को देखते हुए, बुद्धिमान रोबोट्स तैयार किए जाने की तैयारी है। गरीब लोग बड़े शहरों के शीर्ष डॉक्टरों के डिजिटल अवतार से इलाज पा सकेंगे। प्रशासन को यह जानना और आसान हो जाएगा कि लोग कहां हैं, क्या कह रहे हैं। सरकार का कहना, 2030 तक एआई टूल्स और एजेंट्स को चीनी समाज के 90% हिस्से में प्रवेश कर लेना चाहिए, हालांकि यह नहीं बताया गया कि इसे कैसे मापा जाएगा। 


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जोखिमों के बावजूद आगे बढ़ना
चैटबॉट्स कम्युनिस्ट पार्टी के सूचना-नियंत्रण को चुनौती दे सकते हैं, जबकि क्लॉड मिथोस जैसे उन्नत विदेशी मॉडल चीन के दुश्मनों के लिए उसके अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर जटिल साइबर हमले करना आसान बना सकते हैं। लेकिन शी को भरोसा है कि चीन इन खतरों को नियंत्रित कर आगे बढ़ रहा है।

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