नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के मामले में शहर में तनावपूर्ण माहौल बनाने वाले तकरीबन 350 लोगों को जिला प्रशासन ने चिह्नित किया है। इन सभी की प्रशासन और पुलिस के अफसर कुंडली खंगाल रहे हैं। जिन लोगों को चिह्नित किया गया है उसमें तमाम सफेदपोश लोग भी है। इसमें कई ऐसे भी हैं जो राजनीति में खासे सक्रिय हैं। इन सभी के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा इन सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी की गई है। चर्चा हैं कि भीड़ को उकसाने के मामले में कुछ के खिलाफ देशद्रोह की कार्रवाई प्रशासन कर सकता है।
प्रयागराजः तनावपूर्ण माहौल बनाने वाले 350 लोग हुए चिह्नित
इस बीच रविवार को डीएम भानुचंद्र गोस्वामी और एसएसपी अनिरुद्ध सत्यार्थ पंकज ने अटाला आदि इलाकों में चौपाल लगाकर लोगों से अपील की कि वह किसी भी भ्रामक जानकारी से बचे। अगर कोई उन्हें भ्रामक जानकारी दे रहा है तो प्रशासन के अफसरों को इस बारे में सूचित करें। अन्य प्रशासनिक अफसरों ने भी हटिया चौराहा, मुस्तफा गार्डन, अकबरपुर, नखास कोहना आदि मोहल्लों के साथ सोरांव, मऊआइमा, लालगोपाल गंज में भी लोगों से अफवाह से बचने को कहा। इस दौरान नागरिकता संशोधन कानून क्या है उसके पंफलेट भी लोगों में वितरित किए गए।
यह भी कहा गया कि अगर कोई कानून तोड़ेगा तो उसके खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। उधर, पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार और शुक्रवार को निकले जुलूस और भीड़ को उकसाने के मामले में प्रशासन ने तकरीबन 350 लोगों को चिह्नित किया है। डीएम ने इसकी पुष्टि की है। ऐसे लोगों का रिकार्ड निकाला जा रहा है। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि भीड़ को उकसाने के मामले में चिह्नित किए गए लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों की वीडियो फुटेज प्रशासन के पास है।
जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने जिले में इंटरनेट सेवा बहाल कब होगी, इसे लेकर कहा कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद रहेगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को एक बार फिर से देखा जाएगा कि स्थिति कैसी है। इसके बाद शाम को निर्णय लिया जाएगा कि सेवा बहाल की जाए या नहीं।
मुस्लिम धर्मगुरु नागरिकता कानून को समझें, समझाएं
प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने नागरिकता संशोधन कानून का पुरजोर समर्थन किया है। परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने सभी धर्मगुरुओं विशेषकर मुस्लिम धर्मगुरुओं से अपील की है कि वह इस कानून को समझने और लोगों को समझाने का प्रयास करें क्योंकि यह कानून देशहित में है और इससे आतंकवाद में कमी आएगी। गृहमंत्री अमित शाह सदन में स्पष्ट कर चुकेहैं कि भारत में रहने वाले सभी मुसलमान देश के नागरिक हैं सो उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। महंत नरेंद्र गिरि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का भी समर्थन किया है जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले की संपत्ति को कुर्क करके वसूली करने की बात कही है। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की है कि हिंसा करने वालों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा करते हुए उन्हें जेल में डाल देना चाहिए।