फाफामऊ के गोहरी हत्याकांड में नामजद आरोपियों और भट्ठा संचालक पिता-पुत्र के अलावा चार अन्य लोग पुलिस के रडार पर आ गए हैं। इनमें मृतकों के पड़ोस में रहने वाला एक व्यक्ति शामिल है जो आपराधिक प्रवृत्ति का है। पुलिस ने शनिवार को उसे हिरासत में ले लिया जिससे देर रात तक पूछताछ चलती रही। उधर भट्ठा संचालक के तीन अन्य बेटों की भूमिका भी शक के घेरे में है। जिसके बाद पुलिस ने तीनों की तलाश शुरू कर दी है।
फाफामऊ सामूहिक हत्याकांड : पड़ोसी भी शक के घेरे में, भट्ठा संचालक के तीन और बेटों की तलाश
जांच में जुटी टीमों को पता चला कि मृतकों के घर से कुछ दूर पर ही एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति रहता है। पहले भी उसका कई आपराधिक घटनाओं में नाम सामने आ चुका है। मारपीट-लूट, छिनैती, छेड़छाड़ समेत तमाम मुकदमे उस पर पहले से दर्ज हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक लखनऊ में, दो के बारे में नहीं मिली जानकारी
उधर पुलिस ने भट्ठा संचालक के तीन और बेटों की तलाश शुरू कर दी है। भट्ठा संचालक और उसके एक बेटे को एक दिन पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। जिनसे लंबी पूछताछ की गई। सूत्रों का कहना है कि भट्ठा संचालक के बेटे ने पुलिस को बताया कि उसका नहीं बल्कि उसके छोटे भाई की किशोरी से जान पहचान थी। इसकेबाद पुलिस ने उसके भाइयों की भी तलाश शुरू की। एक टीम उनके रूदापुर स्थित घर पर पहुंची लेकिनतीनों वहां नहीं मिले। एक के बारे में घरवालों ने बताया कि वह लखनऊ गया है लेकिन अन्य दो के बारे में वह कोई ठोस जानकारी नहीं दी पाए। जिसके बाद अलग-अलग टीमें उनकी तलाश में लगा दी गई हैं। एक टीम लखनऊ के लिए भी रवाना कर दी गई है।
आपराधिक प्रवृत्ति का है एक रिश्तेदार
पुलिस अफसरों का कहना है कि भट्ठा संचालक व उसके बेटों के बारे में पता लगाया जा रहा है। फिलहाल उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। लेकिन उनका एक रिश्तेदार आपराधिक प्रवृत्ति का है। मृतक के घर से जो मोबाइल मिला है उसकी कॉल डिटेल में कुछ अज्ञात नंबर हैं। फिलहाल इन नंबरों के बारे में पता लगाया जा रहा है। एक आशंका यह भी है कि जान पहचान होने के नाते भट्ठा संचालक के बेटे से भी किशोरी की बातचीत होती रही हो। लेकिन फिलहाल पिता-पुत्र ने इन नंबरों के बारे में कोई जानकारी होने की बात से इंकार किया है।
भट्ठे पर अक्सर होती थी पार्टी
सूत्रों का कहना है कि जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि मृतक परिवार के मकान के पीछे स्थित ईंट-भट्ठे में अक्सर शाम को पार्टी हुआ करती थी। इनमें खाने से लेकर पीने-पिलाने का भी इंतजाम होता था। इनमें भट्ठा संचालक का बेटा और उसके साथी शामिल होते थे। इस जानकारी के मिलने के बाद पुलिस की एक टीम ने शनिवार को भट्ठे पर पहुंचकर वहां काम करने वाले मजदूरों से भी पूछताछ की। सूत्रों का कहना है कि भट्ठे पर काम करने वाले ज्यादातर मजूदर बिलासपुर के हैं। जिनमें से कुछ के परिवार भी यहीं रहते हैं। मजदूरों न संचालक के बेटों के भट्ठे पर आने की बात तो स्वीकार की लेकिन इससे ज्यादा वह कुछ नहीं बता पाए। जिसके बाद टीम लौट आई।
गोहरी हत्याकांड की सपाई अखिलेश यादव को सौंपेंगे रिपोर्ट
गंगापार के गोहरी गांव में हुए हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार से समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने शनिवार को मुलाकात की। इस दौरान सपाइयों ने पीड़ित पक्ष को आश्वस्त किया कि दुख की इस घड़ी में सपा उनके साथ हैं। दोषियों को सजा मिले इसके लिए सपा पूरा प्रयास करेगा। मुलाकात के बाद सपाइयों ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी।
सपा के प्रतिनिधि मंडल में बाबा साहब वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाई लाल भारतीय, एमएलसी वासुदेव यादव, पूर्व सांसद नागेंद्र सिंह पटेल, धर्मराज सिंह पटेल, जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव एवं जिला महासचिव संदीप पटेल रहे। पीड़ित परिवार से सपाइयों की काफी देर बात हुई। सपा बाबा साहब वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुलाकात के बाद कहा कि योगी सरकार में दलितों और पिछड़ों पर अत्याचार बढ़े हैं। भाजपा इसकी कोई सुध नहीं ले रही। अपराधी बेखौफ होकर सड़कों पर घूम रहे हैं। प्रदेश सरकार में दलितों की बहन-बेटियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र ने बताया कि सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम के निर्देश पर ही प्रतिनिधिमंडल ने आज पीड़ित परिवार से मुलाकात की।