प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रविवार की रात नौ बजे संगमनगरी में मठ, मंदिरों, चर्चों से लेकर घर-घर के दरवाजे और छतों, बारजों पर कोरोना महामारी के अंधकार को भगाने के लिए दीये जलाकर उजाला किया गया। इस दौरान दीपमालाएं भी बनाई गईं और शंखनाद भी हुआ।
पीएम के आह्वान पर मठों-मंदिरों से घरों तक नौ मिनट तक किया उजाला, प्रयागराज में मनी दिवाली
दीया-बाती सजाने में महिलाएं दिन में ही जुट गई थीं। किसी ने मोमबत्ती मंगाया तो किसी ने घी की बाती सजाई। रात नौ बजने का हर किसी को इंतजार था। सिविल लाइंस के हनुमत निकेतन मंदिर में दीपदान के लिए आरती रात 8:30 बजे ही कर ली गई। इसके बाद ठीक नौ बजे महंत योगेंद्र मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में कोरोना के खिलाफ दीप जलाने के लिए मंदिर के सेवादारों की टोलियां मुख्य द्वार से लेकर छतों तक पहुंचीं। इस दौरान 108 दीप जलाए गए।
बाघंबरी गद्दीमठ में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौजूदगी में सैकड़ों दीप जलाए गए। यहां दीपदान के साथ शंखनाद भी किया गया। ललिता देवी मंदिर में पुजारी शिवमूरत मिश्र ने परिसर में दीप जलाए। लखनऊ डायोसेशन के बिशप पीटर बलदेव खुद पादरियों और पत्थर गिरजा चर्च के सेवादारों के साथ विशप हाउस के सामने दीपदान में शामिल हुए। इसी तरह प्रयागराज सेवा समिति और भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में पीएम के आह्वान पर दारागंज में पंचदीप जलाए गए।
इस दौरान पंचदेव से कोरोना वायरस से दुनिया को मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की गई। दीप जलाने वालों में समिति के अध्यक्ष तीर्थराज पांडेय बच्चा भैया, प्रकोष्ठ की अनुपमा पांडेय, धर्मराज पांडेय, डीआर पांडेय, केसी पांडेय, सुरेंद्र श्रीवास्तव, प्रभु राज पांडेय शामिल थे। दीपदान के बाद सामूहिक रूप से शंखनाद भी किया गया। इसी तरह मूंछ नर्तक राजेंद्र तिवारी दुकान जी ने घर की सभी लाइटें बंद कर अपने घर के दरवाजे पर मोमबत्ती जलाकर मूंछ नृत्य किया।
बैंक रोड स्थित सामाजिक एकता परिषद के कार्यालय परिसर में अध्यक्ष ओमप्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दीप जलाए। इस दौरान कोई अपने दरवाजे पर तो कोई बालकनी में दीया, मोमबत्ती जलाकर खड़ा नजर आया।