अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मंगलवार को होने वाली षोडशी पूजा में शामिल होने के लिए तेरहों अखाड़े के महामंडलेश्वर, मठों के पीठाधीश्वर और महंतों समेत सैकड़ों साधु-संत प्रयागराज पहुंच गए। देर शाम षोडशी पूजा और भंडारे की भव्य तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया। सुबह संतों-भक्तों की मौजूदगी में पूजा आरंभ होगी।
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Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी में चल रही महंत नरेंद्र गिरि के षोडशी की तैयारी।
- फोटो : प्रयागराज
बाघंबरी गद्दी मठ में षोडशी की शुरुआत दिन के 11 बजे होगी। सबसे पहले वैदिक मंत्रोच्चार के साथ समाधि पूजन होगा। महंत नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी बलवीर गिरि समाधि पूजा कर मोक्ष कामना के दीप जलाएंगे। इसी दौरान श्रद्धांजलि सभा भी होगी। इसमें संतों के अलावा राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियां महंत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी।
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Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी में संत महात्माओं का आगमन शुरू हो गया है।
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इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी,आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि, जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक और अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि, जीवन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर यतींद्रानंद सरस्वती, महंत महेश पुरी, महंत देवानंद सरस्वती समेत कई संत बाघंबरी मठ पहुंच गए। इसके अलावा शहर के सरकारी, गैर सरकारी अतिथिगृहों और होटलों में भी संतों के ठहरने के इंतजाम किए गए हैं।
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Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी में चल रही महंत नरेंद्र गिरि के षोडशी की तैयारी।
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इससे पहले बाघंबरी मठ के विचारानंद संस्कृत वेद विद्यालय परिसर में षोडशी समारोह के लिए भव्य वाटरप्रूफ पंडाल लगा दिया गया। पंचायती निरंजनी अखाड़े की ओर से पूजा से लेकर भंडारे तक की व्यापक तैयारियां की गई हैं। समारोह स्थल से लेकर समाधि तक को गेंदा के फूलों की लड़ियों से सजाया गया है।
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Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी में संत महात्माओं का आगमन शुरू हो गया है।
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महंत को श्रद्धांजलि देने के बाद होगी चादर विधि
बाघंबरी गद्दी मठ में महंत नरेंद्र गिरि के चित्र पर पुष्पांजलि करीब घंटे भर चलेगी। दिन के 11 से 12 बजे तक श्रद्धांजलि सभा होगी। इसके बाद समारोह स्थल पर ही नए महंत की चादर विधि की रस्म पूरी की जाएगी। निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वर की ओर से महंत नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी चुने गए बलवीर गिरि की महंतई चादर होगी। इसमें अखाड़ों के संत शामिल होंगे। इससे पहले षोडशी की शुरुआत महंत नरेंद्र गिरि के समाधि पूजन से होगी। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ समाधि पर दीपदान किया जाएगा। इस दौरान साकेतवासी महंत की मोक्ष प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाएगी।