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माफिया मुख्तार अंसारी का कारनामा : सरकारी जमीन पर किया कब्जा, फिर सरकार से ही वसूला सालाना डेढ़ करोड़ किराया

Fri, 02 Jul 2021 11:54 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 02 Jul 2021 11:54 AM IST
सार

  • मुख्तार ने एफसीआई को किराये पर दी जमीन, सलाना वसूले डेढ़ करोड़  

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Mukhtar Ansari : Possession of government land, then the rent collected from the government itself
मुख्तार अंसारी

मुख्तार अंसारी पर मनी लांड्रिग का केस दर्ज करने में जिन तीन मुकदमों को आधार बनाया गया है उनमें से एक सरकारी जमीन पर कब्जे का है। खास बात यह कि न सिर्फ उसने सरकारी जमीन पर कब्जा किया, बल्कि उसी पर आलीशान गोदाम बनवाकर सरकार से ही सालाना डेढ़ करोड़ किराया भी वसूला। मामला संज्ञान में आने के बाद पिछले साल मऊ जिला प्रशासन ने करोड़ों रुपये के इस गोदाम को सीज करते हुए मुख्तार की पत्नी, सालों समेत पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। आगे की स्लाइड में देखें अन्य कारनामें...

Mukhtar Ansari : Possession of government land, then the rent collected from the government itself
दोहरे हत्याकांड में विधायक मुख्तार अंसारी कोर्ट में पेश - फोटो : अमर उजाला

मामला मऊ जनपद के रैनी गांव का है। करीब 10 साल पहले मुख्तार ने गुंडई के बल पर औने-पौने दाम में भूमिहार, यादव व अनुसुचित जाति के लोगों से करीब 15 बीघा जमीन खरीदी। जमीन उसने अपनी पत्नी अफ्शा अंसारी, बिजनेस पार्टनर सरजील राजा उर्फ आतिफ, अनवर शहजाद (मेसर्स विकास कंसट्रक्शन) के नाम ली गई। इसके बाद जमीनों के अगल-बगल स्थित ग्रामसभा की कई बीघा जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया। दो साल में यहां आलीशान गोदाम बनकर खड़ा हो गया। आगे की स्लाइड में पढ़ें कैसे व्हाइट होती थी ब्लैक मनी...

Mukhtar Ansari : Possession of government land, then the rent collected from the government itself
मुख्तार अंसारी

इसके बाद फूड कारपोरेशान ऑफ इंडिया (एफसीआई) को यह गोदाम डेढ़ करोड़ सलाना किराये पर दे दिया गया। सात साल तक किराये के रूप मेें इस गोदाम के माध्यम से दस करोड़ से ज्यादा रुपये वसूले गए। पिछले महीने ही गोदाम का कुछ हिस्सा सीज कर उसे पुलिस ने कुर्क कर दिया था। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर गोदाम बनवाने के मामले में मऊ के दक्षिणटोला थाने में विकास कंसट्रक्शन के नाम से केस दर्ज कराया गया था। 

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Mukhtar Ansari : Possession of government land, then the rent collected from the government itself
मऊ में प्रशासन ने मुख्तार अंसारी की जमीन सीज की - फोटो : अमर उजाला

शैल कंपनियों के जरिए व्हाइट होती थी ब्लैक मनी
सूत्रों का कहना है कि जिस विकास कंसट्रक्शन के नाम से सरकारी जमीन पर कब्जा कर गोदाम बनवाया गया, वह मुख्तार की शैल कंपनी है। इसमें पर्दे के पीछे से उसका ही पैसा लगा हुआ था। कागजों में जिसका मालिक मुख्तार का बिजनेस पार्टनर आतिफ था। सूत्रों का यह भी कहना है कि ईडी को मुख्तार की ऐसी ही कई और शैल कंपनियों के बारे में जानकारी  मिली है। इनके जरिए वह अपनी ब्लैक मनी को व्हाइट करता था। विधायक निधि से पैसा निकल गया लेकिन नहीं बना स्कूल पढ़ें अगली स्लाइड में...

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Mukhtar Ansari : Possession of government land, then the rent collected from the government itself
पत्नी और बेटे के साथ बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी।
विधायक निधि निकाल ली, स्कूल का पता नहीं
मुख्तार पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज करने में आधार बनाया गया दूसरा मुकदमा विधायक निधि के दुरुपयोग का है। इसी साल मऊ के सायलखंसी थाने में इस मामले में मुख्तार समेत पांच लोगों को नामजद कराया गया था। आरोप है कि सरवां गांव स्थित तीन हजार वर्ग गज जमीन पर गुरु जगदीश ङ्क्षंसंह बैजनाथ पहलवान  उच्च माध्यमिक विद्यालय के नाम पर विधायक निधि से 25 लाख रुपये निकाले गए। लेकिन स्कूल बना ही नहीं।

जिस जमीन पर स्कूल बनवाने संबंधी प्रस्ताव के तहत विधायक निधि से धन की निकासी की गई, उसके एक हिस्से पर महज चहारदिवारी, जबकि दूसरे हिस्से पर केले की खेती हो रही थी। शिकायत मिलने पर सीओ ने मामले की जांच की और उनकी रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन इंस्पेक्टर की ओर से मुख्तार, उसके सहयोगी ग्राम प्रधान बैजनाथ यादव समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। इस मुकदमे में मुख्तार को आपराधिक षडयंत्र का आरोपी बनाया गया था।
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