जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए भाजपा और सपा के बीच सीधी लड़ाई होने जा रही है। भाजपा समर्थित डॉ.वीके सिंह और सपा की मालती यादव ने शनिवार को चार सेटों में नामांकन किया। दोनों ही प्रत्याशी पूरे दल बल के साथ नामांकन करने के लिए पहुंचे थे। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद 29 जून को प्रत्याशियों की फाइनल सूची जारी की जाएगी। मतदान तीन जुलाई को होगा। मतगणना के बाद उसी दिन परिणाम भी संभावित है।
प्रयागराज : भाजपा से डॉ वीके सिंह और सपा से मालती यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए दाखिल किया पर्चा
- दल-बल के साथ पहुंचे भाजपा के डॉ.वीके सिंह और सपा की मालती यादव ने किया नामांकन
- जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए भाजपा और सपा में सीधी लड़ाई
- पहली बार गंगापार के खाते में आएगी अध्यक्ष की कुर्सी
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प्रत्याशियों ने दिखाई ताकत, दूसरे खेमे में शामिल सदस्यों पर भी रही नजर
तोड़फोड़ और भितरघात की चर्चाओं के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए शनिवार को हुए नामांकन के दौरान दोनों दलों ने ताकत दिखाई। प्रमुख नेताओं को अपने साथ खड़ा करके दोनों प्रत्याशियों ने यह दिखाने की भी कोशिश की कि सबकुछ ओके है। हालांकि, इस दौरान नेताओं की नजरें दूसरे खेमे में शामिल जिला पंचायत सदस्यों पर भी रही और आखिरी समय तक जोड़तोड़ की राजनीति की बात कही जा रही है।
सपा ने मालती यादव के समर्थन की घोषणा पहले ही कर दी थी।
ऐसे में नाराज सपा नेताओं को मनाने के साथ अन्य प्रमुख लोगों को जोड़ने का उन्हें पर्याप्त मौका मिला। इसके बाद भी पार्टी के कई नेताओं की भूमिका को लेकर आशंका बनी हुई है। इस चुनाव में भी जातीय समीकरण प्रभावी हो गया है। इससे भी कई नेताओं की नाराजगी सामने आ चुकी है। हालांकि नामांकन के दौरान विधायक उज्जवल रमण सिंह, एमएलसी डॉ.मान सिंह यादव, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता केके श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष सै.इफ्तेखार हुसैन, पूर्व सांसद धर्मराज पटेल, नागेंद्र पटेल, डॉ.आकाश यादव समेत ज्यादातर प्रमुख नेता मौजूद रहे। इन नेताओं को एक साथ लाकर शक्ति प्रदर्शन के अलावा एका दिखाने की भी कोशिश की गई।
भाजपा में तो प्रत्याशी के चयन के दौरान ही खेमेबाजी की चर्चा रही। ऐसे में पांच बार अध्यक्ष रह चुकीं रेखा सिंह को डॉ.वीके सिंह का प्रस्तावक बनाकर भाजपा ने बड़ा संदेश देने की कोशिश की। नामांकन के दौरान सांसद केशरी देवी पटेल और रेखा सिंह साथ-साथ रहीं। इन दोनों को एक साथ लाकर स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई कि पूरी पार्टी डॉ.वीके सिंह के साथ है। इसके अलावा इस एका को भाजपा के भीतर बड़े सियासी परिवर्तन के रूप में भी देखा जा रहा है। डॉ.वीके सिंह के नामांकन के दौरान सांसद डॉ.रीता बहुगुणा जोशी, विधायक विक्रमाजीत मौर्य, प्रवीण पटेल, एमएलसी सुरेंद्र चौधरी समेत अनेक नेता मौजूद रहे। हालांकि, एक मंत्री समेत कई नेताओं की अनुपस्थिति चर्चा में रही।
यह अध्यक्ष का चुनाव है, प्रस्तावक-समर्थक भी सगे नहीं
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में जोड़तोड़ की सियासत आखिरी समय तक चलने की बात कही जा रही है। सूबे में सत्ता परिवर्तन के साथ जिस तरह से सदस्यों की आस्था बदलती रही है उसे देखते हुए इन चर्चाओं को और बल मिल रहा है। एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि इस चुनाव में धन और बल की सत्ता चलती है। इसमें प्रस्तावक और समर्थक भी सगे नहीं होते। ऐसे में कौन किसके साथ है यह कहना कठिन है।
समर्थकों, प्रस्तावकों के बहाने जातीय समीकरण पर नजर
दोनों प्रत्याशियों की ओर से जातीय समीकरण साधने की कोशिश जारी है। इसका ध्यान प्रस्तावकों और समर्थकों के चयन में भी रखा है। भाजपा समर्थित डॅा.वीके सिंह की तरफ से रेखा सिंह, बृज कुमारी पांडेय, आरती यादव, अरविंद विश्वकर्मा, आशीष कुमार, रामाधार बिंद, सिद्धनाथ मौर्य, आलोक कुमार कोल प्रस्तावक एवं समर्थक रहे। वहीं सपा समर्थित मालती यादव की तरफ से उत्तम यादव, सुरेश कुमार, शिवा कांत, प्रमील यादव, सोमदत्त पटेल, बृजेश यादव, सरिता पटेल, जयशंकर भारती प्रस्तावक एवं समर्थक रहे।