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कौशांबी: दुल्हन का इंतजार कर रहा था गांव, लेकिन लौटकर आईं लाशें, एक साथ जलीं पांच चिताएं
Thu, 03 Dec 2020 02:36 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: प्राची प्रियम
Updated Thu, 03 Dec 2020 02:36 PM IST
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Kaushambi Road accident
- फोटो : अमर उजाला
कौशांबी जिले के सिराथू तहसील क्षेत्र के शहजादपुर गांव में बुधवार दोपहर जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद एक साथ पांच शव पहुंचे तो कोहराम मच गया। मरने वालों में चार रिश्तेदार थे तो एक पड़ोसी की बेटी। हादसे के कारण पूरा का पूरा गांव शोक में डूबा रहा।
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Kaushambi Road accident
- फोटो : अमर उजाला
अंतिम संस्कार के लिए गांव में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। गंगा किनारे शवों का अंतिम संस्कार किया गया। यहां किसी को पिता तो किसी के पति ने मुखाग्नि दी। दुखद घटना को लेकर गांव के ज्यादातर घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
Kaushambi Road accident
- फोटो : अमर उजाला
गांव के मोहनलाल के बेटे पंकज के वैवाहिक समारोह से वापस लौटते वक्त उसके चाचा लेखपाल बसंतलाल की पत्नी रोशनी व बेटी नेहा हादसे का शिकार हो गई थीं। पंकज के रिश्ते में मामा हनुमान प्रसाद की पत्नी पूनम व बेटी मुस्कान की भी मौत हो गई।
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Kaushambi Road accident
- फोटो : अमर उजाला
मोहनलाल के पड़ोसी सोनू तिवारी की बेटी भी स्कॉर्पियो में हादसे का शिकार हो गई थी। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद पांच शव गांव पहुंचे तो परिवार के लोग दहाड़ें मारकर रो पड़े। बाद में सभी का अंतिम संस्कार गांव के बाहर स्थित गंगा घाट पर किया गया।
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Kaushambi Road accident
- फोटो : अमर उजाला
रोशनी व नेहा को बसंतलाल ने मुखाग्नि दी। वहीं हनुमान प्रसाद ने भी पत्नी व बेटी का अंतिम संस्कार किया। सोनू तिवारी ने अपनी बेटी को मुखाग्नि दी। इसके अलावा हादसे में मृत दूल्हे की बहन शशि व भांजे ओम का अंतिम संस्कार प्रयागराज में किया गया। स्कार्पियो चालक शिवराम का उसके गांव बालकमऊ में अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अफसर भी मौजूद रहे।