अखाड़ा परिषद अध्यक्ष की मौत मामले की जांच में जुटी सीबीआई रविवार को फिर अल्लापुर स्थित बाघंबरी मठ पहुंची। सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम शाम को अचानक पुलिस लाइन से निकलकर मठ पहुंच गई। यहां महंत के एक करीबी शिष्य को साथ लेकर टीम में शामिल अफसरों ने पूरे मठ का कोना-कोना खंगाला।
उस कमरे में भी पहुंचकर जांच पड़ताल की जिसमें महंत का शव फंदे पर लटका मिला था। खास बात यह कि कई स्थानों पर वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। करीब सवा घंटे तक मठ में रहने के बाद टीम वापस चली गई।
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Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच करने फिर मठ बाघंबरी गद्दी पहुंची सीबीआई की टीम।
- फोटो : प्रयागराज
25 सितंबर को पहली बार पहुंची थी टीम
महंत की मौत के पांच दिन बाद सीबीआई ने मामले को अपने हाथों में ले लिया था। 25 सितंबर को पहली बार सीबीआई की टीम मठ पहुंची थी जहां दिन भर जांच पड़ताल चली थी। तब से लगातार सीबीआई की टीम शहर में ही रहकर महंत की मौत के राज ढूढ़ने में लगी है। 28 सितंबर से मामले के तीनों आरोपियों आनंद गिरि, आद्या तिवारी व संदीप तिवारी को कस्टडी रिमांड पर ले रखा है।
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Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी।
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तीन अफसर शामिल थे टीम में
जांच पड़ताल के क्रम में नौवें दिन सीबीआई की टीम शाम करीब चार बजे बाघंबरी मठ पहुंची। टीम में शामिल तीन अफसरों ने मठ पहुंचकर सबसे पहले महंत के एक बेहद करीबी शिष्य से मुलाकात की। इस करीबी का नाम महंत के कमरे से बरामद सुसाइड नोट में भी है। शिष्य से कुछ देर तक बातचीत करने के बाद टीम के सदस्यों ने उसे साथ लेकर मठ में जांच पड़ताल शुरू की।
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Prayagraj News : आनंद गिरि को हरिद्वार से प्रयागराज लेकर पहुंची सीबीआई।
- फोटो : प्रयागराज
तीनों अफसर अलग-अलग कमरों में पहुंचे
टीम सबसे पहले मठ के उस कमरे में पहुंची जहां महंत का शव फंदे पर लटका मिला था। वहां करीब 20 मिनट तक सीबीआई की टीम जांच पड़ताल करती रही। इस दौरान कमरे में रखी एक -एक चीजों की जांच पड़ताल की। साथ ही वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। इसके बाद टीम में शामिल अफसर मठ के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचे।
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Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच करने मठ बाघंबरी गद्दी पहुंची सीबीआई की टीम।
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जांच के दौरान महंत के करीबी शिष्य से सवाल-जवाब भी किया
जहां महंत से जुड़ी चीजों के बारे में पड़ताल की गई। करीब सवा घंटे तक टीम मठ में घूमती रही और फिर इसके बाद वापस चली गई। जांच पड़ताल के दौरान महंत का करीबी शिष्य लगातार सीबीआई टीम के साथ मौजूद रहा। जांच के दौरान टीम उससे सवाल-जवाब भी करती रही। हालांकि उस करीबी शिष्य को छोड़कर टीम ने मठ में अन्य किसी व्यक्ति से बात नहीं की।