कुंभ नगरी से फिर सनानत धर्म की गूंज पूरी दुनिया तक पहुंची। निर्मोही अनी अखाड़े की ओर से शुक्रवार को शक्तिधाम आश्रम की जगद्गुरु सांई मां के नौ विदेशी शिष्यों को अखाड़े की रीति-नीति के मुताबिक महामंडलेश्वर बनाया गया। इससे पहले उन्होंने ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करते हुए आजीवन सनातन धर्म की सेवा और इसके प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया। अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़े की ओर से त्रिवेणी मार्ग, सेक्टर सोलह स्थित अखाड़े की छावनी में मंत्रोच्चार के बीच सभी को महामंडलेश्वर 1008 की उपाधि से विभूषित किया गया।
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इसके तहत स्वामी परमेश्वरानंद श्री देवी ब्रह्मचारी, राजेश्वरी दासी ब्रह्मचारी, ललिता श्री दासी ब्रह्मचारी, दयानंद ब्रह्मचारी, त्यागानंद दास ब्रह्मचारी, अनंतानंद दास ब्रह्मचारी, जयेंद्र दास ब्रह्मचारी, जीवानंद दास ब्रह्मचारी शामिल हैं। समारोह में अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़े के प्रमुख महंत राजेंद्र दास, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि सहित अन्य अखाड़ों के महंतों ने भी चादरविधि के तहत चादर ओढ़ाकर उन्हें समर्थन और आशीर्वाद दिया। इसी क्रम में कमिश्नर की पत्नी सलोनी गोयल, काशी के वेद विद्वान के वेंकटरमण घनपाठी कृष्ण मुरारी त्रिपाठी, संदीप कोटेकर, श्रीकांत वाघ आदि ने भी माल्यार्पण और शाल ओढ़ाकर नए महामंडलेश्वरों का स्वागत, अभिवादन किया।
बाद में जगद्गुरु सांई मां ने कहा, भारत की महान संत परंपरा का अंग बनना मेरे लिए तो सौभाग्यशाली है ही, आज अपने नौ शिष्यों को भी सनातन धर्म से जोड़ना मेरे लिए सुखद है। इसके लिए मैं संत समाज की आभारी हूं। संचालन अंकिता खत्री ने किया। कार्यक्रम में अमेरिका, फ्रांस, कनाडा, जापान, इजराइल, जर्मनी, आयरलैंड, आस्ट्रेलिया समेत बड़ी संख्या में दुनिया भर से आए सांई मां के भक्त मौजूद थे।
सनातन की गूंज हर्ष, गर्व का विषय
निर्मोही अखाड़े के दीक्षा समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने सांई मां के नौ विदेशी शिष्यों के महामंडलेश्वर बनने पर प्रसन्नता जताई। कहा, शक्तिधाम की सांई मां की अगुवाई में विश्वभर में सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार हम सभी के लिए गर्व व हर्ष का विषय है। उम्मीद है कि नए बने महामंडलेश्वर विश्व के विभिन्न देशों में सनातन धर्म की पताका फहराएंगे। इससे पहले उन्होंने माल्यार्पण कर सभी नए महामंडलेश्वरों का अभिनंदन किया।
निर्मोही में अब तक बनीं पांच महिला महामंडलेश्वर
सांई मां की तीन शिष्याओं श्रीदेवी ब्रह्मचारी, राजेश्वरी दासी ब्रह्मचारी और ललिता श्री दासी ब्रह्मचारी के शुक्रवार को महामंडलेश्वर बनने के साथ ही निर्मोही अनी अखाड़े में अब कुल पांच महिला महामंडलेश्वर बन गई हैं। अखाड़े के श्रीमहंत राजेंद्र दास के मुताबिक इससे पहले सांई मां और प्रयागराज कुंभ पर्व में गुजरात की निर्मला बा को महामंडलेश्वर की उपाधि से नवाजा गया था।