योग गुरु बाबा रामदेव ने मंगलवार को शक्ति कुंभ शी ग्लोबल समिट के समापन अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि, यत्र नार्यश्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता अर्थात जहां नारी की पूजा होती है, वहां ईश्वर वास करते हैं। हम अनंतकाल से नारी पूजा करते आ रहे हैं। मातृ शक्ति का संबोधन इसका जीता जागता उदाहरण है। हम भारत में वह दिन देखना चाहता हैं, जहां पर महिला नहीं, पुरुष सशिक्तकरण की बात हो।
बेटियों का आह्वान करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि, आप इतनी योग्य बने की बिना दहेज दिए लड़कों की शादी न हो सके, आपकी योग्यता पर इन्हे दहेज देना पड़े। बेटा और बेटी में भेद न करें।
यह समिट परमार्थ निकेतन शिविर, अरैल घाट में हुई। जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं, संतों, फैथ विमेन लीडर्स, डब्ल्यूईएसएससीसी यूनिसेफ के उच्चाधिकारियों, महिलाओं, धर्मप्रेमियों आदि ने सहभाग किया। योग गुरु रामदेव ने कहा कि बेटियाें को दिशा दे और उन्हे सिर्फ एमपी, एमएलए बनाने के बजाय सीएम और पीएम बनाएं।
इसके लिये माता-पिता के भीतर एक जज्बा चाहिए, जो उनकी बेटी का भविष्य तय करेगा। उन्होंने कहा कि हमारे माता-पिता अशिक्षित हैं और मेरी पूरी शिक्षा पर मात्र 500 रूपए खर्च हुआ होगा परंतु आज मैं 5 हजार बच्चों को पढ़ा रहा हूं, 10 हजार को पढ़ा चुका हूं और एक करोड़ से अधिक बच्चों को पढ़ाने का संकल्प है।
आप सभी अपने हौसले बुलंद रखे और उसे उड़ान देने के लिये कार्य भी करे। उसके लिये अपमान भी सहन करना होगा और तिल-तिल जलना होगा। स्वामी चिदानंद ने कहा कि आज इस देश को किसी योग की आवश्यकता है तो वह संगम के योग की है। इस देश का संगम जिंदा रहेगा तो यह देश जिंदा रहेगा। कुंभ में बाल विवाह के प्रति जागरूक करने हेतु विश्व की सबसे बड़ी मुहिम 16,33,428 स्क्वायर फीट बड़े झंडे पर आज से हस्ताक्षर अभियान चलेगा।