पहले शाही स्नान के साथ ही कुंभ मेला विधिवत रूप से अपनी एक माह की धार्मिक यात्रा पर आगे बढ़ चला है। इसी के साथ मेला क्षेत्र में बड़े धार्मिक आयोजनों की भी शुरुआत हो चली है। बुधवार को संतों-महंतों, अखाड़ों के पंडाल कल्पवासियों और अन्य श्रद्धालुओं से पटे नजर आए। तंबुओं में सजे धूने पर बाबाओं के वेश-बाना आकर्षण के केंद्र बने हैं। हर तरफ मानवता, सेवा और संस्कार की सीख लेने के लिए भीड़ उमड़ती रही। शाम तक देश के हर हिस्से से शिष्यों की मंडलियां बाबाओं के शिविरों में पहुंचीं। कहीं रामकथा तो कहीं लीलाओं का मंचन देखने के लिए भीड़ लग गई। ढोल-मंजीरे गूंजने लगे। संगम तीरे से लेकर शिविरों तक सांस्कृतिक-आध्यात्मिक गरिमा की गूंज सुनाई देने लगी है।
Kumbh Mela 2019: शुरू हुए बड़े धार्मिक आयोजन, श्रद्धालुओं से पटे शिविर
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विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन के रूप में कुंभ मेला सज गया। नागा संन्यासियों के धूने सबका ध्यान खींच रहे हैं। पंच दशनाम जूना अखाड़े में देवता-निशान की पूजा के बाद पुकार शुरू हुई तो दूसरी ओर कतारबद्ध धूनों पर नागाओं के एक से एक स्वरूपों के दर्शन के लिए महिलाओं, पुरुषों की भीड़ लग गई। काशी अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र के शिविर में वेदपाठी ब्राह्मणों ने विश्व शांति के लिए सस्वर वेद मंत्रोच्चार और यज्ञ शुरू कर दिया।
पंजाब से आए महामंडलेश्वर सांवरिया बाबा के शिविर में राम मंदिर निर्माण की कामना से यज्ञ शुरू हो गया। यहां दिन भर आहुति हुई। बाबा बालकानंद महाराज और सिद्धेश्वरी आनंदमयी माता के शिविर में सत्संग सुनने के लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं, अनुयायियों की भीड़ संगीतमय भजनों पर झूमती-थिरकती रही। त्रिवेणी बांध उतरते ही जम्मू-कश्मीर की भजन मंडली का कीर्तन सुनने के लिए लोग खड़े रहे। इसी तरह संगम तट पर एक तरफ श्रद्धालु डुबकी लगाते रहे तो दूसरी ओर जगह-जगह माला जपने, ध्यान करने वाले ध्यानियों, बैरागियों की टोलियां अपनी धुन में रमी नजर आईं। ग्वालियर से आए संत प्राण सरन, महंत हरिनाथ और बाबा नाथू राम के अलावा कई संत संगम की रेती पर दिन भर जप, ध्यान करते रहे। अध्यात्म-संस्कृति के इस संगम में तरह-तरह की बोली, वेश वाले भक्त रम गए हैं।
सवा लाख रुद्राक्ष की माला पहने बाबा
सवा लाख रुद्राक्ष के दानों की माला और मुकुट धारण करने वाले बाबा शक्ति गिरि जी महाराज जगत के कल्याण के लिए साधना में रम गए।
मोरपंखी वाले बाबा डांडी गिरि, गड़ासा वाले बाबा भवानी शंकर गिरि, आनंद अखाड़ा के सामने बाबा बर्फानी नागा बाबा सेवा का संदेश दे रहे हैं।