कौशांबी की सिराथू तहसील के टीकरडीह गांव में सोमवार सुबह मिट्टी का टीला ढहने से पांच की दर्दनाक मौत हो गई। मां और भयाहू (छोटे भाई की पत्नी) के साथ मिट्टी निकालने गए सुग्गन ने तालाब के अंदर ही अंदर खोदाई करने को हादसे का प्रमुख कारण बताया। टीले के नीचे लोग इस कदर दबे थे कि उन्हें बाहर निकालने में घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। बोले कि अचानक टीला ढहने के बाद आंखों के सामने अंधेरा छा गया था। टीले के नीचे दबने से उसका सिर फट गया था।
घायल सुग्गन ने बताया कि सोमवार सुबह सभी लोग घर की पोताई के लिए मिट्टी खोदने पिपरहाई तालाब गए थे। वह और उसकी भयाहू मैना देवी व पड़ोस की लखनी और सपना बाहरी हिस्से की तरफ खोदाई कर रहे थे, इसलिए वह लोग बच गए। जबकि, उसकी मां समेत अन्य चट्टान के अंदर मिट्टी निकाल रही थीं।
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हादसे में घायल सुग्गन
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टीला ढहा तो सभी दब गए थे। कुछ देर बाद वह संभला तो पहले अपनी मां और भयाहू की तलाश की। बाहरी हिस्से में होने के कारण भयाहू मैना को बाहर निकाल लिया। वहीं, भीतरी हिस्से में होने के कारण वृद्ध मां का सिर्फ खून से लथपथ हाथ दिख रहा था। इस पर उसने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचते कि इससे पहले वह बेसुध होकर गिर पड़ा। आठ घंटे बाद होश आने पर खुद को अस्पताल में पाया।
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मिट्टी का टीला ढहने से सुनीता की मौत के बाद घर के बाहर जुटे लोग
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अनुसूचित बस्ती में नहीं जले चूल्हे
टीकरडीह की अनुसूचित बस्ती में सोमवार को दिनभर चूल्हा नहीं जला। घर के बड़े, बुजुर्ग अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस और फिर संदीपन गंगा घाट की भागदौड़ करते रहे। वहीं, महिलाएं और बच्चे घर पर आने वाले रिश्तेदारों के साथ रोते-बिलखते रहे। गांव के संभ्रांत लोगों ने छोटे-छोटे बच्चों के लिए खाने के लिए कुछ इंतजाम किया। बड़ों के मुंह में तो दिनभर एक निवाला भी नहीं गया।
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मिट्टी का टीला ढहने से ललिता की मौत पर रोते बिलखते परिजन
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मेहनत-मजदूरी कर गुजारा करने वाले परिवारों पर टूटा गमों का पहाड़
टीकरडीह हादसे का शिकार हुए लोग बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। किसी के पति ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करते हैं तो किसी के पिता राजगीरी कर परिवार का गुजारा करते हैं। सुनीता और ललिता की मौत ने तो सभी को झकझोर दिया। दरअसल, इनके बच्चों के सिर से मां का साया छिन गया। सभी पांच परिवारों पर गमों का पहाड़ टूटा है।
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टीकरडीह गांव के इसी तालाब में मिट्टी का टीला ढहने से हुई है पांच लोगों की मौत
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हादसे में मौत का शिकार ललिता और सुनीता देवरानी-जेठानी हैं। ललिता के पति अवधेश सरोज और सुनीता के पति राजेश ईंट-भट्ठे में मजदूरी करते हैं। अवधेश हाथरस और राजेश अलीगढ़ स्थित भट्ठे में झोंकाई का काम करने गया था। घर अवधेश की पत्नी 11 वर्षीय बेटे सोम, बेटी शालिनी, सुषमा व सुमित समेत चार बच्चों के साथ रहती थीं। इसी तरह से राजेश की पत्नी भी पांच वर्षीय बेटे हिमांशु, बेटी हिमांशी व प्रियांशु समेत तीन बच्चों के साथ रह रही थीं।