मां गंगा ने फिर किया बड़े हनुमानजी का जलाभिषेक
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बांधों से गंगा-यमुना में लगातार जलराशि छोड़े जाने के बाद तटीय बस्तियों में हड़कंप मच गया है। बृहस्पतिवार की शाम छह बजे सिंचाई बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम से जारी बुलेटिन के अनुसार गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 81.64 मीटर, छतनाग में 80.88 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 81.48 मीटर रिकार्ड किया गया। यहां गंगा-यमुना दोनों नदियों में छह सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से जल स्तर में वृद्धि होने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने दावा किया है कि इसी रफ्तार से जल स्तर बढ़ता रहा तो शुक्रवार की शाम तक गंगा चेतावनी बिंदु केपार कर सकती है। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के अनुसार माताटीला बांध से 1.62 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। केन-बेतवा केजल स्तर में हो रही वृद्धि की वजह से यमुना के जल स्तर में उफान बढ़ता जा रहा है। गंगा में इस दिन कानपुर बैराज से 1.40 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर में तेज वृद्धि के चलते देर शाम अक्षयवट मार्ग, महावीर मार्ग के बाद किला मार्ग भी जमग्न हो गया। अक्षयवट पुसि चौकी डूब गई। रात को ही सैकड़ों परिवारों को गृहस्थी समेटने के लिए मजबूर होना पड़ा। श्मशान घाट पर भी पानी पहुंचने वाला है। सड़क पर पानी आने की वजह से अंतिम संस्कार में भी दिक्कतें आने लगी हैं।
उमस भर चिपचिपी गर्मी से परेशान लोगों को बुधवार रात राहत देने वाली बारिश बृहस्पतिवार को दिन भर भिगोती रही। काले-काले बादल डराने के साथ खूब बरसे। रुक-रुक कर हो रही बारिश ने इस साल सितंबर महीने में अब तक का रिकार्ड बनाया। सुबह 8.30 बजे से 12 घंटे तक 63 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
बादलों ने अरसे बाद 24 घंटे अपनी धमक बनाए रहे। थोड़ी ही देर सही, पर जहां बादल बरसे, तबीयत से लोगों को सराबोर करते रहे। सूरज एक से दो बार बड़ी मुश्किल से बादलों की ओट से बाहर निकला, लेकिन धूप नमी नहीं सोख सखी। अलसुबह शुरू बारिश शाम छह बजे तक कहीं धीमी तो कहीं झमाझम होती रही। बारिश से गर्मी-उमस से तो राहत दी लेकिन नालियों की गंदगी सड़कों और फुटपाथ तक पसर गई। लोगों को पानी निकलने के बाद कीचड़ से खासी परेशानी हुई। कोठापार्चा, स्टेशन रोड पर नगर निगम कार्यशाला के पास सड़क खोदकर डालने से राहगीर और वाहन फंसे रहे। शहर में कई स्थानों पर सड़कें भी धंसी हैं।