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Guinea: गिनी की राजधानी में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, 30 लोगों की मौत की खबर; कैसे हुआ हादसा?
Sun, 23 Aug 2026 11:17 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोनाक्री (गिनी)
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोनाक्री (गिनी)
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 23 Aug 2026 11:17 PM IST
सार
गिनी की राजधानी कोनाक्री में कूड़े का बड़ा ढेर गिरने से 30 लोगों की मौत हो गई। हादसे में कई घर भी ढह गए। छह लोग गंभीर रूप से घायल हैं और 22 लोगों को हल्की चोटें आई हैं। भारी बारिश के बाद यह हादसा हुआ। अब तक क्या-क्या हुआ, पढ़िए रिपोर्ट-
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गिनी की राजधानी में कूड़े का पहाड़ गिरा
- फोटो : एक्स/@FacelyKonate1
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विस्तार
गिनी की राजधानी कोनाक्री में बड़ा हादसा हुआ है। रविवार सुबह (स्थानीय समय) डार एस सलाम इलाके में कूड़े का बड़ा पहाड़ गिर गया। यह जगह गिनी की राजधानी का सबसे बड़ा कूड़ा डालने का स्थान है। देश की नागरिक सुरक्षा सेवा ने यह जानकारी दी।
नागरिक सुरक्षा सेवा के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, हादसे में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई है। वहीं, छह लोगों की हालत गंभीर है। 22 लोगों को हल्की चोटें आई हैं। भारी बारिश के कारण यह हादसा हुआ। गिनी सरकार ने एक्स पर बयान जारी कर बताया कि सोमवार की सुबह करीब दो बजे यह हादसा हुआ। बारिश का पानी कूड़े के ढेर पर बहने लगा। इससे वहां भूस्खलन हो गया। भूस्खलन में पास बनी झोपड़ियां कूड़े और मिट्टी के नीचे दब गईं।
गिनी के सैन्य इंजीनियरिंग बटालियन के सफाई अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल बाल्दे मामादू बैलो ने बताया कि इस जगह को रविवार को बंद किया जाना था।
सरकार ने बयान जारी कर क्या कहा?
सरकार ने बयान में बताया कि हादसे के बाद शुरुआती घंटों में ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और राहत सामग्री भी मौके पर भेजी गई। बचाव दल उन लोगों की तलाश कर रहे हैं, जो अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। घायलों को बचाने का काम भी जारी है।
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राहत और बचाव कार्य में कौन शामिल हैं?
मृतकों के शवों को निकालने का काम भी चल रहा है। मौके पर राहत और बचाव का काम अभी जारी है। इस पूरे अभियान की निगरानी सरकार के संबंधित विभाग कर रहे हैं। रेड क्रॉस भी बचाव अभियान में मदद कर रहा है। रक्षा और सुरक्षा बल भी मौके पर मौजूद हैं। मेडिकल टीमें भी मदद कर रही हैं। प्रशासनिक और स्थानीय अधिकारी भी राहत काम में लगे हैं। आसपास रहने वाले लोग भी बचाव अभियान में मदद कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें: बांग्लादेश में हिंदू परिवार की हत्या: वारदात के बाद घर में ही नहाए और खाया-पीया, छह घंटे बाद आरोपी हुए फरार
गिनी के प्रधानमंत्री ने किया घटनास्थल का दौरा
गिनी के प्रधानमंत्री और सरकार के प्रमुख अमादौ ओउरी बा मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सरकारी सेवाओं की ओर से किए जा रहे राहत और बचाव के काम की निगरानी की। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मामाडी डोम्बोया ने सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की।
सरकार ने घायलों के इलाज के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। खास तौर पर डोंका यूनिवर्सिटी अस्पताल में घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई है। सरकार ने लोगों से शांत रहने की अपील की है। लोगों से एक-दूसरे की मदद करने और एकजुट रहने को कहा गया है। सरकार ने लोगों से बचाव दल और संबंधित अधिकारियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है।
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नागरिक सुरक्षा सेवा के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, हादसे में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई है। वहीं, छह लोगों की हालत गंभीर है। 22 लोगों को हल्की चोटें आई हैं। भारी बारिश के कारण यह हादसा हुआ। गिनी सरकार ने एक्स पर बयान जारी कर बताया कि सोमवार की सुबह करीब दो बजे यह हादसा हुआ। बारिश का पानी कूड़े के ढेर पर बहने लगा। इससे वहां भूस्खलन हो गया। भूस्खलन में पास बनी झोपड़ियां कूड़े और मिट्टी के नीचे दब गईं।
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गिनी के सैन्य इंजीनियरिंग बटालियन के सफाई अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल बाल्दे मामादू बैलो ने बताया कि इस जगह को रविवार को बंद किया जाना था।
सरकार ने बयान जारी कर क्या कहा?
सरकार ने बयान में बताया कि हादसे के बाद शुरुआती घंटों में ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और राहत सामग्री भी मौके पर भेजी गई। बचाव दल उन लोगों की तलाश कर रहे हैं, जो अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। घायलों को बचाने का काम भी जारी है।
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राहत और बचाव कार्य में कौन शामिल हैं?
मृतकों के शवों को निकालने का काम भी चल रहा है। मौके पर राहत और बचाव का काम अभी जारी है। इस पूरे अभियान की निगरानी सरकार के संबंधित विभाग कर रहे हैं। रेड क्रॉस भी बचाव अभियान में मदद कर रहा है। रक्षा और सुरक्षा बल भी मौके पर मौजूद हैं। मेडिकल टीमें भी मदद कर रही हैं। प्रशासनिक और स्थानीय अधिकारी भी राहत काम में लगे हैं। आसपास रहने वाले लोग भी बचाव अभियान में मदद कर रहे हैं।
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गिनी के प्रधानमंत्री ने किया घटनास्थल का दौरा
गिनी के प्रधानमंत्री और सरकार के प्रमुख अमादौ ओउरी बा मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सरकारी सेवाओं की ओर से किए जा रहे राहत और बचाव के काम की निगरानी की। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मामाडी डोम्बोया ने सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की।
सरकार ने घायलों के इलाज के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। खास तौर पर डोंका यूनिवर्सिटी अस्पताल में घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई है। सरकार ने लोगों से शांत रहने की अपील की है। लोगों से एक-दूसरे की मदद करने और एकजुट रहने को कहा गया है। सरकार ने लोगों से बचाव दल और संबंधित अधिकारियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है।