गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर सोमवार की शाम देव दीपावली पर दीपमालाओं की स्वर्णिम आभा ने रेती पर टिमटिमाते तारों का नया आकाश रच डाला। राष्ट्रीय मुद्दे, नारे और संदेशों के भावों को दीपों की अल्पनाओं में सजाया गया।
कहीं भारत माता के रूप में कलाकृतियां सजाई गईं तो कहीं वंदेमातरम, तिरंगा प्यारा के साथ एक भारत श्रेष्ठ भारत के नारे को प्रज्ज्वलित किया गया। संगम पर स्वस्छ भारत की परिकल्पना को भी सजाया गया और बेटी पढ़ाओ-बेटी बढ़ाओ के नारे को भी। देव दीपावली पर संगम के करीब एक किमी दायरे में सजीं दीपमालाएं त्रिवेणी के गले में दीपों के मुक्ताहार के रूप में इसी तरह दमकती रहीं।
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Prayagraj News : देव दीपावली पर दीपों की आभा से जगमगाया संगम तट।
- फोटो : अमर उजाला।
मिलन और समागम के रूप में सदियों से जग विख्यात संगम की रेती पर सोमवार की सांझ दीपोत्सव के अनंत उपहारों के मानिंद सजकर आई। शंखध्वनि के दीपोत्सव का शुभारंभ हुआ। शहर की सामाजिक, सांस्कृतिक संस्थाओं के अलावा स्कूल-कॉलजों, सरकारी विभागों के कर्मचारी दिया-बाती के इस उत्सव को साकार करने में दिलोजान से जुटे रहे।
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Prayagraj News : देव दीपावली पर दीपों की आभा से जगमगाया संगम तट।
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तरह-तरह की आकृतियों, अल्पनाओं के साथ रंगोलियों और गेंदा, गुलाब की पंखुड़ियों से सजे संदेशों और नारों को दीपों से सजाया गया। कोई अपने नाम की दीया जला रहा था तो कोई अपने विभाग का नाम दीपों से प्रज्ज्वलित कर रहा था। कोई संगम की लहरों पर दीपों की लड़ियां लगाता रहा तो कोई नावों पर।
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Prayagraj News : देव दीपावली पर दीपों की आभा से जगमगाया संगम तट।
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संगम नोज, किला घाट, महावीर मार्ग, अक्षयवट मार्ग, रामघाट, आरती स्थल, दारागंज घाट दशाश्वमेध घाट तक दीपमालाएं एक साथ प्रज्ज्वलित हुईं तो लगा जैसे एक बारगी रेती पर स्वर्ग उतर आया हो। इस दीपोत्सव में बच्चों, महिलाओं, युवाओं ने दीया-बाती की कतारों में तरह-तरह के भाव सजाए। महिला सेवा सदन की शिक्षिकाओं और छात्राओं ने संदेशपरक दीपों की कतार सजाई।
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Prayagraj News : देव दीपावली पर दीपों की आभा से जगमगाया संगम तट।
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इसी तरह आर्य कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं और शिक्षिकाओं ने स्वास्तिक बनाकर सजाया। इसके अलावा स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के नारे को भी दीपमालाओं में सजाया। जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वास्तिक और ऊं के अलावा दीपों के पुष्पहार भी बनाए थे।