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देव दीपावली : संगम तट पर पांच लाख दीपों की स्वर्णिम आभा से उतरा स्वर्ग (फोटो)

Fri, 19 Nov 2021 10:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 19 Nov 2021 10:10 PM IST
सार

मखमली रेती पर भव्य राम मंदिर मॉडल, वंदे मातरम और भारत माता के नक्शे पर सजीं दीपमालाएं। रेती पर परिकल्पनाओं के दीयों में प्रज्ज्वलित हुए स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के भी संदेश। 05 लाख दीपों से जगमग हुआ देव दीपावली पर संगम का किनारा। 5: 17 बजे शंखध्वनि के साथ हुआ दीपोत्सव का शुभारंभ। 21 विद्यालयों के बच्चों ने सजाई रंगोली और दीपमालाएं।
 

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Dev Deepawali: Heaven descended from the golden aura of five lakh lamps on the Sangam coast
Prayagraj News : देव दीपावली पर लाखों दीयों से जगमग हुए गंगा-यमुना के घाट। - फोटो : प्रयागराज

त्रिवेणी संगम के सुरम्य तट पर शुक्रवार की शाम अनंत भावों में सजी दीपमालाओं की स्वर्णिम आभा रेती पर स्वर्ग के मानिंद प्रज्ज्वलित हुई। दीपों में कहीं भारत माता के भाल के रूप में कलाकृतियां सजाई गईं तो कहीं वंदेमातरम, तिरंगा प्यारा, स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के संदेश जगमग हुए। संगम नोज पर अयोध्या में प्रस्तावित भव्य राम मंदिर के मॉडल को भी सजाया गया और बेटी पढ़ाओ-बेटी बढ़ाओ के नारे को भी। देव दीपावली पर संगम के पांच सौ मीटर दायरे का अप्रतिम दृश्य ऐसी ही परिकल्पनाओं में साकार होकर हर किसी को धन्य बनाने वाला था।

Dev Deepawali: Heaven descended from the golden aura of five lakh lamps on the Sangam coast
Prayagraj News : देव दीपावली पर लाखों दीयों से जगमग हुए गंगा-यमुना के घाट। - फोटो : प्रयागराज

सदियों से समागम के लिए जानी जाने वाली संगम की रेती पर पर सांझ ढलते ही शंखध्वनि के दीपोत्सव का शुभारंभ हुआ। दोपहर बाद से ही तरह-तरह की दीप आकृतियों, अल्पनाओं और गेंदा, गुलाब की पंखुड़ियों से सजी कलाकृतियों के रूप में दीये जलाए जाने लगे। कोई अपने नाम की दीया जला रहा था तो कोई अपने विभाग का नाम दीपों से प्रज्ज्वलित कर रहा था। कोई संगम की लहरों पर दीपों की लड़ियां लगाता रहा तो कोई नावों पर।

Dev Deepawali: Heaven descended from the golden aura of five lakh lamps on the Sangam coast
Prayagraj News : देव दीपावली पर लाखों दीयों से जगमग हुए गंगा-यमुना के घाट। - फोटो : प्रयागराज

वीआईपी किला घाट से लेकर संगम नोज, महावीर मार्ग, अक्षयवट मार्ग, रामघाट, आरती स्थल,दारागंज घाट दशाश्वमेध घाट तक दीपमालाएं एक साथ प्रज्ज्वलित हुईं तो लगा जैसे एक बारगी रेती पर स्वर्ग उतर आया हो। इस दीपोत्सव में बच्चों, महिलाओं, युवाओं ने दीया-बाती की कतारों में तरह-तरह के भाव सजाए। आर्य कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं और शिक्षिकाओं ने राम मंदिर के मॉडल को सजाया। इसके अलावा स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के नारे को भी दीपमालाओं में सजाया।

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Dev Deepawali: Heaven descended from the golden aura of five lakh lamps on the Sangam coast
Prayagraj News : देव दीपावली पर लाखों दीयों से जगमग हुए गंगा-यमुना के घाट। - फोटो : प्रयागराज

इसी तरह जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वास्तिक, ऊं के अलावा दीपों के पुष्पहार बनाकर जलाए। महिला सेवा सदन की शिक्षिकाओं संगीता, मोनिका साहू, सौम्या मालवीय के नेतृत्व में छात्राओं ने संदेशपरक दीपों की कतार सजाई। सेंट एंथोनी गर्ल्स इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, सेंट जोसेफ समेत शहर के 21 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी परिकल्पनाओं से इस दीपोत्सव को साकार बनाने की कोशिश की। इनके अलावा विभागवार अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी बांस-बल्लियों के घेरे में अपने-अपने दीप जलाए।

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Dev Deepawali: Heaven descended from the golden aura of five lakh lamps on the Sangam coast
Prayagraj News : देव दीपावली पर लाखों दीयों से जगमग हुए गंगा-यमुना के घाट। - फोटो : प्रयागराज

51 हजार दीपों से जगमगाई बलुआघाट की बारादरी
बलुआ घाट की बारादरी शुक्रवार की शाम 51 हजार दीपों से जगमगा उठी। कार्तिक महोत्सव आयोजन समिति के पदाधिकारियों के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने मां यमुना के तट पर इस दीपदान में हिस्सा लिया।

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