त्रिवेणी संगम के तट पर दीपों की शृंखलाएं सजने के लिए तैयार हैं। इस बार करह-तरह के भावों, परिकल्पनाओं और विविध रूपों में दीयों की लड़ियां सजाई जाएंगी। संगम से लेकर घरों की छतों, द्वारों पर तो दीप जलेंगे ही, शहर के चौराहे भी जगमग होंगे। मौका होगा देव दीपावली का। इस दीपोत्सव को यादगार बनाने के लिए घर-घर से लोग निकलेंगे।
देव दीपावली : गंगा-यमुना घाट से लेकर शहर के चौराहे आज दीये की रोशनी से होंगे जगमग
रेत पर उकेरी जाएंगी सैंड आर्ट
कहीं सेंड आर्ट के रूप में रेती पर थीम आधारित कृतियां उकेरी जाएंगी, तो कहीं गंगा-यमुना की संगीतमय आरती से इस मौके को खास बनाया जाएगा। इस दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण के अलावा जिला प्रशासन के अधिकारियों ने व्यापक तैयारियां की हैं। यमुना के बलुआघाट पर बारादरी पर दीपोत्सव की छटा निहारने लायक होगी।
इसके अलावा, गऊघाट, ककरहा घाट, गंगा के रामघाट, दारागंज घाट, महावीर मार्ग, अक्षयवट मार्ग, वीआईपी किला घाट समेत संगम की समत रेती पर भी दीप जलाए जाएंगे। इस दीपोत्सव में अभी जन भागीदारी का दायरा विस्तृत न होने की वजह से योगी आदित्यनाथ सरकार की इच्छा के अनुरूप प्रशासन की ओर से विभागवार दीप जलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी भी दी गई है। ऐसे में संगम की रेती पर शाम पांच बजे तक दीपोत्सव के लिए लोग अपनी-अपनी जगह पक्की कर लेंगे। कहीं स्वास्तिक तो कहीं भारत माता की जय और वंदे मातरम के रूप में दीये जलाए जाएंगे। शहीदों के शौर्य, पराक्रम के भाव भी दीपों में सजाए जाएंगे। दीपोत्सव के लिए तेल-बाती के इंतजाम कर लिए गए हैं।
काशी की तर्ज पर इस बार प्रयागराज में भी मनेगी देव दीपावली
काशी की तर्ज पर इस बार प्रयागराज में देव दीपावली मनाई जाएगी। इसके लिए इस बार दीपोत्सव के समय संगीतमय भव्य गंगा आरती भी मेला प्रशासन की ओर से कराई जाएगी। देव दीपावली पर गंगा पूजन और दीपोत्सव के समय त्रिवेणी की आरती के लिए भव्य मंचन बनाया गया है। इस दौरान संगीतमय प्रस्तुतियां भी होंगी।
संगम पर रखे गए 3.50 लाख दीप, डीएम ने लिया दीपोत्सव का जायजा
दीपोत्सव की सफलता के लिए संगम क्षेत्र को 20 ब्लाकों में बांटा गया है। साथ कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए पांच मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। इस बीच बृहस्पतिवार को दी संगम पर 3.50 लाख दीये लगवा दिए गए और बैरिकेडिंग करा दी गई। 1.50 लाख दीये शुखवार की शाम कार्तिक स्नान के बाद लगाए जाएंगे। डीएम संजय कुमार खत्री ने संगम पर दीपोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। डीएम नेकहा कि पार्किंग की व्यवस्था इस प्रकार रहे कि आमजन को किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इस दौरान एसडीएम मेला संत कुमार समेत कई अफसर उपस्थित थे।
सामाजिक संगठनों की ओर से जलाए जाएंगे लाखों दीप
हरिहर गंगा आरती समिति की ओर से रामघाट पर दीपोत्सव की विहंगम छटा प्रस्तुत करने की तैयारी की गई है। शुक्रवार को रामघाट पर समिति की ओर से 51 हजार दीये जलाए जाएंगे। इसी तरह मातृ स्नेह फाउंडेशन की ओर से अक्षयवट घाट पर 11 हजार दीपों की लड़ियां सजाई जाएंगी। कार्तिक महोत्सव आयोजन समिति की ओर से बलुआघाट की बारादरी पर 51 हजार दीये जलाए जाएंगे। जबकि, परिवर्तन मानव विकास संस्थान की ओर से ककरहा घाट पर 51 हजार दीपों की मालाएं सजाई जाएंगी। इसी तरह विश्व पुरोहित परिषद की ओर से अरैल घाट पर 21 हजार दीप जलाए जाएंगे।
संत-भक्त भी जलाएंगे दीप
धार्मिक संस्थाओं की ओर से भी देव दीपावली पर दीपदान किया जाएगा। बड़े हनुमान मंदिर परिसर में बाघंबरी गद्दी मठ की ओर से दीपों की लड़ियां सजाई जाएंगी। उधर, गऊघाट स्थित ओम नम: शिवाय आध्यात्मिक संस्था की ओर से यमुना तट पर 31 हजार दीप जलाए जाएंगे। इस दौरान संत और भक्त कोरोना से मुक्ति के लिए आराधना करेंगे।
11 हजार दीपों से जगमग होगा नागवासुकि मंदिर परिसर
प्रयागराज सेवा समिति की ओर से नागवासुकि मंदिर परिसर में 11 हजार दीप जलाए जाएंगे। इस दौरान नागवासुकि भगवान और असि माधव की आरती उतारी जाएगी।