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प्रयागराज माघ मेले में सुर-लय-ताल संग हस्तशिल्प का संगम

Sun, 26 Jan 2020 01:28 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 26 Jan 2020 01:28 AM IST
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Confluence of handicrafts with melody and rhythm at Prayagraj Magh Mela
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

अभिनय, गायन और नृत्य के साथ हस्तशिल्प का संगम शनिवार को माघ मेले में श्रद्धालुओं को लुभाता रहा। चलो मन गंगा यमुना तीर की संगीत निशा सुर-साज के ऐसे ही रंगों के साथ परवान चढ़ी। इस दिन रामलीला के मंचन के माध्यम से जहां कलाकारों ने भगवान राम के आदर्शों की जीवंत प्रस्तुति की, वहीं भजनों, लोक नृत्यों पर भी लोग डुबकी लगाकर मुग्ध हुए।

Confluence of handicrafts with melody and rhythm at Prayagraj Magh Mela
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से त्रिवेणी रोड स्थित परेड में लगे भव्य पंडाल में आयोजित चलो मन गंगा-यमुना तीर का पांचवां दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन पर आधारित लीलाओं पर केंद्रित रहा। सीता विवाह, रामसीता वनवास, सीता हरण एवं रावण वध की लीलाओं के मंचन के अलावा भजन, लोकगीत व लोकनृत्य शैलियों की मनोरम प्रस्तुतियां भाव विभोर कर देने वाली रहीं। सांस्कृतिक केंद्र के पंडाल में हस्तशिल्प प्रदर्शनी के स्टालों पर भी लोगों ने मन पसंद खरीददारी भी की। इसके बाद शाम को दिल्ली की महुआ बनर्जी के भजनों से संगीत निशा की शुरुआत हुई। उन्होंने विघ्नहरण मंगलकरण श्रीगणपति महराज... के बाद बसो मेरे नैनन में नंदलाल...तथा मीरा के भजन चलो मन गंगा यमुना तीर की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भक्ति रस में डुबो दिया।

Confluence of handicrafts with melody and rhythm at Prayagraj Magh Mela
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
इनके बाद प्रतापगढ़ की नीलम शर्मा के भजन एवं दिल्ली की संगीता शर्मा व उनकी टीम की ओर से योग के विविध रूपों पर एकाग्र एरोबेटिक नृत्य को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। फिर लोकनृत्यों की बारी आई। इस  क्रम में ब्रज के कलाकारों ने फूलों की होली पेश की, तो असमी कलाकारों ने बोडो समुदाय के परंपरागत बोडो लोकनृत्य से मन मोहा। उत्तराखंड में वसंत ऋतु को समर्पित चैफला लोकनृत्य, कश्मीरी लोकनृत्य,एमपी में बच्चों के जन्म एवं अन्य मांगलिक अवसरों पर होने वाले बधाई लोकनृत्य तथा प्रयागराज के दोआबा क्षेत्र में राम के अयोध्या आने की खुशी में होने वाले ढेंढ़िया लोकनृत्य की प्रस्तुतियां खास रहीं।
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Confluence of handicrafts with melody and rhythm at Prayagraj Magh Mela
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
magh mela prayagraj
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