माघ मेला के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या के दूसरे दिन शनिवार को भी घाटों पर दिन भर मौन डुबकी के लिए आस्थावानों का तांता लगा रहा। एक ओर से स्नानर्थियों की भीड़ आती रही, तो दूसरी ओर स्नान, दान और ध्यान की मनौतियां पूरी कर लोग वापसी भी करते रहे। सड़कों पर सिर पर गठरी लिए लपकते कदमों से रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं की भीड़ दिन भर लगी रही।
अमावस्या के दूसरे दिन भी लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई मौन डुबकी
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अमावस्या तिथि शनिवार की भोर 3:12 बजे तक होने की वजह से रात भर संगम पर स्नान-दान कर देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु पुण्य बटोरते रहे। मौन धारण कर संगम स्नान और त्रिवेणी दर्शन का शुक्रवार आधी रात से शुरू हुआ सिलसिला शनिवार की देर शाम तक चलता रहा। सेक्टर दो स्थित मेला शिविर कार्यालय से लगे सत्संग पंडाल के अलावा हरिहर गंगा आरती के रैंप व परेड मैदान में लगे तंबुओं में मौनी नहाने वालों की भीड़ रात भर लगी रही। लोग स्नान कर शिविरों और तंबुओं में रखी अपनी गठरी व अन्य सामान उठाकर घरों के लिए रवानगी करते रहे। जगह-जगह शिविरों में संतों-भक्तों का तांता लगा रहा। संगम नोज का सर्कुलेटिंग एरिया इस दिन भी खचाखच भरी रहा।
महावीर मार्ग पुल नंबर-1 के पास महामंडलेश्वर प्रेम दास महाराज के बालाजी आश्रम शिविर में ठहरे हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने दूसरे दिन मौन डुबकी लगाई। शाम को अन्नक्षेत्र में प्रसाद ग्रहण करने के बाद श्रद्धालुओं ने राजस्थान व अन्य प्रदेशों के लिए रवानगी की। इसी तरह खाक चौक के सतुआ बाबा आश्रम के शिविर में भी कटनी, जबलपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, गुजरात समेत कई प्रांतों के श्रद्धालुओं ने दूसरे दिन डुबकी लगाई। यहां शिविर के भीतर से लेकर सड़क की पटरियों तक आस्थावानों की भीड़ शाम तक वापसी करती रही। इसी तरह त्रिवेणी मार्ग पर बाबा रामकेवल दास व शारदानंद महाराज के शिविरों के अलावा मोरी मार्ग, ओल्ड जीटी सेक्टर नंबर पांच के दंडी स्वामी नगर में संतों के शिविरों में टिके श्रद्धालुओं ने मौन स्नान किया।
प्रयागराज। खाक चौक स्थित महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा के शिविर में सैकड़ों वेदपाठी बटुकों ने शनिवार को संगम पर मौन डुबकी लगाई। इसके बाद ध्यान और दान किया गया। शिविर में पहुंचकर बटुकों ने सस्वर मंत्रों के साथ विश्व शांति और लोक मंगल के लिए वेट पाठ किया। महामंडलेश्वर संतोष दास महाराज ने बटुकों को आशीर्वाद दिया।