प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 फरवरी को 26 हजार से अधिक वृद्धजनों और दिव्यांगों को उपकरण बांटेंगे। सोमवार को प्रयागराज आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह की घोषणा के साथ ही कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा भी की। इस समारोह में कई विश्व रिकार्ड भी बनेंगे। मुख्यमंत्री ने बिंदुवार समीक्षा के साथ ही आयोजन में किसी भी तरह की खामी न रहने के निर्देश दिए।
पीएम 29 को प्रयागराज में बांटेंगे उपकरण, मुख्यमंत्री योगी ने की घोषणा
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मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से करीब साढ़े चार बजे पुलिस लाइन पहुंचे। वहां से वह वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सदर बाजार स्थित सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी के आवास पहुंचे और उनके बेटे-बहू को आशीर्वाद दिया। न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी के आवास पर वह तकरीबन आधा घंटे से अधिक समय तक रुके। इसके बाद वह सर्किट हाउस पहुंचे जहां उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की समीक्षा की और अफसरों को आवश्यक निर्देश दिए।
अब 29 के बाद सामूहिक विवाह की उम्मीद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक में सामूहिक विवाह की तारीख को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। मुख्यमंत्री ने इस पर बाद में चर्चा करने की बात कही। ऐसे में अब 29 फरवरी को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बाद ही सामूहिक विवाह आयोजन की बात कही जा रही है। श्रम विभाग की ओर से 1111 जोड़ो के सामूहिक विवाह की योजना बनाई गई है। सरकारी स्तर पर यह देश की सबसे बड़ी शादी होगी। पहले 16 फरवरी को ही विवाह प्रस्तावित था लेकिन इसमें मुख्यमंत्री को भी शामिल होना है। इसलिए कार्यक्रम आगे बढ़ा दिया गया। इसके बाद 25 से 27 फरवरी के बीच शादी की बात कही जा रही थी। सोमवार को मुख्यमंत्री के प्रयागराज आगमन पर तारीख पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद थी। समीक्षा बैठक में इस पर बात हुई लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी सिर्फ 29 फरवरी के कार्यक्रम पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री के आगमन पर पुलिस लाइन गेट पर रोके जाने से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। सुरेंद्र चौधरी तथा कई अन्य कार्यकर्ता पुलिस लाइन में हेलीपैड के पास जाना चाहते थे लेकिन उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। इस पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। वहां से सर्किट हाउस पहुंचकर भी विरोध दर्ज कराया और हंगामा किया। अफसरों तथा वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें शांत कराया।
स्टेट लैंड पर मकान बनाने वालों को राहत की उम्मीद
राजकीय आस्थान पर घर बनाने वाले हजारों शहरियों को राहत मिलने की उम्मीद है। ऐसे भवनों के नियमतीकरण के लिए जल्द नीति बनने जा रही है। विधायक हर्षवर्धन बाजपेई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने यह मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राजकीय आस्थान पर बने मकानों के नियमतीकरण के लिए नीति बनाई जा रही है। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।