स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव की घटना के बाद जिस बोगी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी सवार थे, उसमें बैठे यात्रियों ने टूटे शीशे के बीच सफर पूरा किया। बृहस्पतिवार रात 8:21 बजे अलीगढ़ जंक्शन पहुंचने के बाद ट्रेन की क्षतिग्रस्त खिड़की की सफाई की गई। हाथ में पेचकस लिए रेलवे का एक कर्मचारी खिड़की में फंसे कांच के टुकड़ों को निकालता रहा।
इसी खिड़की के पास वाली दोनों सीटों पर महिला यात्री बैठी थीं, जो लखनऊ से दिल्ली तक का सफर कर रही थीं। इनमें से एक महिला यात्री ने बताया कि जब पत्थर शीशे से टकराया तो काफी तेज धमाके जैसी आवाज हुई। आसपास बैठे यात्री एकाएक चौंक गए और सभी की नजरें 54 नंबर सीट के पास वाली खिड़की की ओर चली गईं।
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स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस का टूटा शीशा
- फोटो : नितिन गुप्ता
फिरोजाबाद क्षेत्र में घटना के बाद जैसे ही ट्रेन टूंडला जंक्शन पहुंची, सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई। यात्रियों ने देखा कि प्लेटफॉर्म पर कई सुरक्षा कर्मी संबंधित कोच के आसपास नजर आने लगे। हालांकि उस समय अधिकांश यात्रियों को यह जानकारी नहीं थी कि इसी बोगी में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी भी यात्रा कर रहे हैं।
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स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत
- फोटो : नितिन गुप्ता
टूंडला से ट्रेन रवाना होने के बाद भी कोच में घटना को लेकर चर्चा बनी रही। कई यात्री बार-बार क्षतिग्रस्त खिड़की को देखते रहे। वहीं सुरक्षा कर्मियों की बढ़ी गतिविधियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। कोच में मौजूद कुछ यात्रियों को तब पता चला कि जिस बोगी में वे सफर कर रहे हैं, उसमें देश की एक प्रमुख हस्ती भी मौजूद है।
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स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव के बाद जांच करती टीम
- फोटो : नितिन गुप्ता
अलीगढ़ जंक्शन पहुंचने पर रेलवे अधिकारियों, आरपीएफ और स्टेशन कर्मियों ने सीधे क्षतिग्रस्त खिड़की का निरीक्षण किया। प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन में कर्मचारी सावधानी से टूटे कांच को निकालते रहे, जबकि यात्री अपनी सीटों पर बैठे यह सब देखते रहे। कुछ देर तक संबंधित कोच के बाहर सुरक्षा कर्मियों और रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी बनी रही।
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स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव के बाद जांच करती टीम
- फोटो : नितिन गुप्ता
घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई, लेकिन एक पत्थर ने पूरी बोगी का माहौल बदल दिया। टूटी खिड़की, बिखरे कांच और बढ़ी सुरक्षा के बीच यात्रियों ने अपना सफर जारी रखा। अलीगढ़ में सफाई के बाद ट्रेन दिल्ली के लिए रवाना हो गई, मगर पूरी यात्रा के दौरान पथराव की घटना चर्चा का विषय बनी रही।