अलीगढ़ में कोंडरा के भाजपाई प्रापर्टी डीलर सोनू चौधरी की हत्या किसी ऐसे चिर-परिचित ने की है, जिसे वह भलीभांति जानता था। हत्या करने आया व्यक्ति उसके गांव से निकलने का वक्त और इलाके के कच्चे रास्तों से भी परिचित है, जिन पर सीसीटीवी नहीं।
इस बात की गवाही सोनू के रिश्ते के भतीजे व सभी मार्गों के सीसीटीवी दे रहे हैं। ऐसे में पुलिस की तीन टीमें सरगर्मी से उस व्यक्ति की तलाश में जुटी हैं। एसपी देहात अमृत जैन घटना के विषय में बताते हैं कि प्रापर्टी डीलर सोनू के गांव से निकलते ही बमुश्किल 200 मीटर दूरी पर उनकी गाड़ी को तालानगरी में मुड़ते समय बाइक सवारों ने रोक लिया।
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गोली लगने से कार के शीशे में हुए छेद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूटल मोड में खड़ी थी स्टार्ट गाड़ी
बाइक सड़क के एक साइड में जिस अंदाज में रोकी गई। उससे यह नहीं लगता कि आते ही हमला किया गया हो। किसी परिचित ने गाड़ी रुकवाई। दूसरी खास बात गाड़ी के सभी शीशे चढ़े मिले। स्टार्ट गाड़ी न्यूटल मोड में खड़ी थी। एसी चल रहा था।
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गोली लगने से कार के शीशे में हुए छेद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसका मतलब कि जिस परिचित ने गाड़ी रुकवाई। उसे अंदर बिठाकर सोनू आराम से बतिया रहा था। उसके साथ आया दूसरा व्यक्ति बाहर खड़ा था। इसी बीच सोनू का पारिवारिक भतीजा सुमित इस रास्ते से बाइक पर शहर से गांव वापस गया है।
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गाड़ी की सीट पर पड़ा खोखा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पक्के रास्तों के सीसीटीवी देखे गए, हमलावरों को पता नहीं
उसने भी चाचा सोनू को कार में बिठाकर किसी से बात करते देखा है। उसे उस समय कुछ भी असहज नहीं लगा। इसलिए वह घर चला गया। इसके बाद तीसरी सबसे खास बात ये कि शाम तक घटनास्थल को आने जाने वाले सभी पक्के रास्तों के सीसीटीवी देखे गए।
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शैलेंद्र सिंह उर्फ सोनू चौधरी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इलाके से भी परिचित हैं हमलावर
मगर वह बाइक या उस तरह के हुलिया वाले हमलावर कहीं भी नहीं चिह्नित हुए। इससे यह भी साफ हो रहा है कि हमलावर किसी ऐसे कच्चे रास्ते से आए। जिस पर सीसीटीवी नहीं थे। उसी रास्ते से वापस गए। मतलब ये भी साफ है कि वे इलाके से भी परिचित हैं।