जियो फाइबर के मैनेजर अभिनव भारद्वाज के अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने में पुलिस को मोबाइल एप से काफी मदद मिली। जिस बोलेरो गाड़ी से फिरौती के लिए तीन लाख की रकम ले जाई जा रही थी, पुलिस ने उसमें एक मोबाइल फोन लाइव लोकेशन शेयर करते हुए छिपा दिया था।
अभिनव के अपहरण के बाद अपहरणकर्ताओं द्वारा लगातार फिरौती की मांग की जा रही थी। इस कारण परिजन दहशत में थे। परिवारीजनों ने पुलिस को इस मामले से दूर रहने के लिए कह दिया था और खुद ही अभिनव की जान बचाने के लिए फिरौती देने का मन बना लिया तो पुलिस ने अपहरणकर्ताओं की लोकेशन पता करने के लिए जिस बोलेरो गाड़ी से फिरौती के लिए एकत्रित की गई तीन लाख रुपये की रकम ले जाई जा रही थी, उसमें पुलिस ने एक मोबाइल लाइव लोकेशन शेयर करते हुए छिपा दिया था, लेकिन यह बात परिजनों को नहीं बताई।
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अभिनव को अगवा करने के आरोपी
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अपहरणकर्ताओं ने रखी थी यह शर्त
अभिनव की पत्नी ने अपहरणकर्ताओं से तीन लाख रुपये फिरौती में लेने की हामी भरवा ली थी, लेकिन अपहरणकर्ताओं ने यह शर्त रखी थी कि सबसे पहले फिरौती की रकम का फोटो भेजा जाए। इसके बाद परिजनों ने अभिनव के पिता प्रभात सिंह, ससुर सरोज कुमार, चचिया ससुर रवि कुमार और साले बिट्टू का फोटो अपहरणकर्ताओं को भेजा और बताया कि यही लोग रकम लेकर आ रहे हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में अपहरणकर्ता
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अपहरणकर्ताओं को भेजा रकम का फोटो
इसके साथ ही रकम का भी फोटो अपहरणकर्ताओं को भेजा। इसके बाद अभिनव के परिजन देर रात बोलेरो से हाथरस से निकले। इधर, पुलिस लगातार फिरौती के लिए आने वाली व्हाट्सएप कॉल पर प्राप्त होने वाले आईपी एड्रेस को ट्रेस कर रही थी। एड्रेस ट्रेस करने के साथ ही दबिशें जारी थीं।
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अपहरणकर्ताओं से छुड़ाए गए अभिनव
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होटल संचालक ने झगड़े की सूचना पुलिस को दी होती तो न होता अपहरण
सिकंदराराऊ के होटल मिश्री में नववर्ष की पार्टी के दौरान अभिनव का यहां नशे की हालत में झगड़ा हुआ था। झगड़े के बाद मामले को शांत करा दिया गया था। होटल संचालक ने इसकी सूचना पुलिस को न देकर खुद ही मामले को सुलझा दिया। अगर उसने झगड़े की सूचना पुलिस को दे दी होती तो शायद अपहरण की घटना न हुई होती।
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Abhinav Case
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पार्टी में अभिनव बार-बार खुद को बता रहे थे जियो का मैनेजर
सिकंदराराऊ में पार्टी के दौरान मिश्री होटल पर अभिनव भारद्वाज खुद को बार-बार जियो मैनेजर बता रहे थे। यह सुनकर अपहरणकर्ताओं ने सोचा कि इस व्यक्ति के पास बहुत पैसा है। इधर, होटल पर दोनों पक्षों में झगड़ा भी हुआ। इसके बाद जब पार्टी समाप्त करने के बाद अभिनव बस पकड़ने के लिए पंत चौराहे पर खड़े थे, तभी अपहरणकर्ता गाड़ी में डालकर उनको अगवा कर ले गए।