फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

विश्व पर्यावरण दिवस: लॉकडाउन में प्रकृति ने सहेजा पर्यावरण, अब बचाने की चुनौती

Fri, 05 Jun 2020 06:30 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 05 Jun 2020 06:30 PM IST
विज्ञापन
World environment day cleanest environment during lockdown in agra
ताजमहल के पार्श्व में बहती यमुना नदी - फोटो : मनीष शर्मा
नाला बन चुकी यमुना नदी लॉकडाउन में स्वच्छ हो गई। खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी आगरा की हवा भी साफ होकर बेहतर की श्रेणी में आ गई। विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रकृति का इससे बेहतर कोई तोहफा नहीं, लेकिन इसे सहेजने की चुनौती सबके सामने है। 
World environment day cleanest environment during lockdown in agra
यमुना नदी - फोटो : अमर उजाला
यमुना नदी को साफ करने में खर्च हुए 15 सौ करोड़ रुपये और शहर की आबोहवा शुद्ध करने के लिए बनाई गई 100 करोड़ की योजनाओं से लॉकडाउन बेहतर साबित हुआ।  पर्यावरण को सहेजने के नाम पर शहर में एयर एक्शन प्लान, वाटर एक्शन प्लान समेत कई योजनाएं बनाकर हजारों करोड़ों रुपये ठिकाने लगा दिए गए लेकिन यमुना नदी नाले में तब्दील हो गई और शहर गैस चेंबर में। 
World environment day cleanest environment during lockdown in agra
आगरा की जामा मस्जिद - फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन में महज 30 दिनों के बाद ही यमुना नदी एकदम स्वच्छ हो गई और शहर की हवा में बदलाव देखने को मिला। आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स इस बार सबसे बेहतर है वहीं यमुना नदी में कई साल बाद घुलनशील ऑक्सीजन बढ़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
World environment day cleanest environment during lockdown in agra
ताजमहल में पसरा सन्नाटा - फोटो : Amar Ujala
टीटीजेड अथॉरिटी के सदस्य उमेश शर्मा ने बताया कि प्रकृति ने एक बार फिर हमें बेहतर हवा और पानी लौटाया है। अब जिम्मेदारी हमारी है। कोशिश की जानी चाहिए कि इसके बाद ट्रैफिक पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। कोशिश हो कि इलेक्ट्रिक वाहन चलें, साइकिल का इस्तेमाल हो। लॉकडाउन ने दिखा दिया कि किन चीजों के बिना भी हमारा काम चल सकता है।
विज्ञापन
World environment day cleanest environment during lockdown in agra
आगरा का एमजी रोड - फोटो : अमर उजाला
टीटीजेड अथॉरिटी के सदस्य केशो मेहरा ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर जितनी भी योजनाएं चलाई गईं वह सब घोटालों और गड़बड़ी के कारण बेकार साबित हुईं। इन सभी योजनाओं की उपयोगिता की अब समीक्षा की आवश्यकता है। पर्यावरण एक बार फिर बेहतर हुआ है। इसे इसी तरह से सहेजने की चुनौती सभी के सामने है। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed