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#KabTakNirbhaya गुस्से में नारी शक्ति, बोलीं- अपराधियों को मिले ऐसी सजा, ताकि दोबारा ना हो दरिंदगी

Mon, 02 Dec 2019 12:44 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 02 Dec 2019 12:44 AM IST
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women seeks strict punishment for accused of Hyderabad case
अपराजिता संवाद कार्यक्रम में महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
'मर्यादा खतरे में है कुछ कहा नहीं जाता। 

हे राम...यह दर्द हरो, अब सहा नहीं जाता।।'


हैदराबाद में बेटी के साथ हैवानियत पर महिलाएं किस कदर व्यथित हैं, डॉ. रुचि चतुर्वेदी की दो पंक्तियां बयां कर रही हैं। घटना भले ही अपने शहर से कोसों दूर हुई हो, लेकिन बेटी के शव से उठी 'लपटें' आगरा की आधी आबादी के दिलों में उठती देखी। उनके विचार जानने के लिए अमर उजाला ने अपराजिता अभियान के तहत सिकंदरा स्थित कार्यालय में संवाद कार्यक्रम रखा। इसमें चिकित्सक, अधिवक्ता, कवियत्री, शिक्षिका, समाजसेवा से जुड़ी महिलाएं शामिल हुई। 
women seeks strict punishment for accused of Hyderabad case
संवाद कार्यक्रम में महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
नारी शक्ति ने आगाह किया कि भविष्य में ऐसी घटना हुई तो श्रद्धांजलि तक ही उनका विरोध नहीं सीमित रहेगा। महिलाएं एकजुट होंगी, सड़कों पर उतरेंगे और सामाजिक रूप से कामकाज का बहिष्कार किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो संसद पर धरने से भी पीछे नहीं हटेंगे। नारी शक्ति न मांग की है कि हैदराबाद कांड के हैवानों को सरेआम सजा दी जाए ताकि दोबारा ऐसी घटना ना हो सके। 
women seeks strict punishment for accused of Hyderabad case
प्रतिभा जिंदल और मंजू द्विवेदी - फोटो : अमर उजाला
अपराधी को सार्वजनिक स्थानों पर दी जाए सजा: प्रतिभा जिंदल

समाजसेविका प्रतिभा जिंदल ने कहा कि सख्त कानून के साथ अपराधियों में इसका डर भी बैठना चाहिए। इसके लिए दुष्कर्मियों को सार्वजनिक स्थानों पर सजा दी जाए, जिससे औरों को संदेश जाए। ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार भी किया जाना चाहिए। अभिभावकों से भी अपील है कि गलत करने पर बच्चों के पक्ष में न खड़े हो जाएं। 

दुष्कर्मियों को सजा देने को रात में भी लगे कोर्ट: मंजू द्विवेदी

अधिवक्ता मंजू द्विवेदा ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से ही काम नहीं चलने वाला। समाज में घूम रहे मानसिक और विक्षिप्त लोगों की पहचान करने की भी जरूरत है। दुष्कर्म जैसी हैवानियत दिखाने वालों को सजा दिलाने के लिए रात में कोर्ट चलवाए जाएं। मामलों की जल्द सुनवाई कर इनको फांसी पर लटका दिया जाए।
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मधु शर्मा और श्रेष्ठा मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
जघन्य अपराधों में सजा के लिए तय हो समय: मधु शर्मा एडीजीसी

एडीजीसी मधु शर्मा ने कहा कि सख्त कानून के साथ समय पर न्याय मिलना जरूरी है। दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों की जांच और न्याय का समय तय किया जाए। ऐसा होने से अपराधियों में कानून का खौफ बढ़ेगा, और भी इससे सबक लेंगे। लंबे समय तक केस चलने से अपराधियों को बढ़ावा मिलता है।  

देर होने पर कामकाजी महिलाओं को घर छुड़वाने की व्यवस्था: श्रेष्ठा मिश्रा, अधिवक्ता

अधिवक्ता श्रेष्ठा मिश्रा ने कहा कि कामकाजी महिलाओं का कार्य समय तय हो, देर होने पर उनको घर छुड़वाने की व्यवस्था भी की जाए। महिलाओं को और ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है। किसी भी गलत होने के आभास हो तो तत्काल सचेत हो जाएं। पुरुषों को नैतिक और सामाजिक मूल्यों का भी आभास कराया जाए।
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women seeks strict punishment for accused of Hyderabad case
नूतन अग्रवाल और अनुपमा शर्मा - फोटो : अमर उजाला
जनप्रतिनिधियों को कानून-प्रशासन के लिए उठानी होगी आवाज: नूतन अग्रवाल

कवियत्री नूतन अग्रवाल ने कहा कि कानून व्यवस्था ठीक होने से काफी हद तक अपराध कम किए जा सकते हैं। इसका जिम्मा जनप्रतिनिधियों का भी है, वो इन मुद्दों पर कभी भी पुलिस-प्रशासन के खिलाफ आवाज नहीं उठाते हैं। इसकी वजह से पुलिस-प्रशासन लापरवाही बरतती है और अपराधियों में इनका डर नहीं रहता है। 

बेटियों को आत्मरक्षार्थ के लिए किया जाए प्रशिक्षित: डॉ. अनुपमा शर्मा

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अनुपमा शर्मा ने कहा कि बेटा-बेटी के पालन में भेदभाव बंद करना होगा। अभिभावक शुरू से ही बेटियों को कमजोर और बर्दास्त करने की सीख देकर बेटों की हर गलत-सही बातों का समर्थन करते हैं। इससे उनको ना सुनने की आदत नहीं रहती। बेटों को भी संस्कारित करें। बेटियां आत्मरक्षार्थ के लिए प्रशिक्षित करें।
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