पूरे शहर की सड़कें नदियों में बदल गईं। शहर के मोहल्ले तलैया बन गए, लेकिन शहर के मेयर का दावा था कि पानी जितनी तेजी से भरा, उतनी तेजी से निकल भी गया। जबकि हकीकत में शहर की 30 से ज्यादा जगहें ऐसी रहीं, जहां सड़कों पर पानी 24 घंटे बाद भी भरा रहा। गलियों में जलभराव के कारण लोग घरों से निकलने की स्थिति में नहीं हैं। नाले-नालियों का गंदा पानी सड़कों पर भरा हुआ है, लेकिन मेयर की तरह अफसरों के दावे भी तुरंत पानी निकासी के हैं। अमर उजाला ने ऐसी कुछ जगहों को देखा, जहां बारिश खत्म होने के 24 घंटे बाद तब सड़कों, गलियों में लबालब पानी भरा है। शहर में अवैध कॉलोनियों नहीं, बल्कि आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा बसाए गए ट्रांसपोर्ट नगर की सड़कें पानी से 24 घंटे बाद भी भरी हुई मिलीं।
बारिश ने बदली आगरा शहर की सूरत: 24 घंटे बाद भी भरा है पानी, खोखले निकले मेयर के दावे, देखें तस्वीरें
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दलील: कई इलाके कटोरीनुमा
कई इलाके कटोरीनुमा है, जहां जलभराव नालों की वजह से नहीं, बल्कि अन्य कारणों और भौगोलिक स्थिति के कारण है। ऐसे ही इलाकों के लिए 25 पंप लगवाए हैं। जिन जगहों पर जलभराव के कारण नालों में पीछे से सिल्ट, कचरा आया, उसे भी बृहस्पतिवार सुबह से साफ कराया गया है। जलभराव क्यों हुआ, इसके कारणों को जानकर उसके निदान की योजनाएं बनाकर कार्रवाई करेंगे। - निखिल टी फुंडे, नगर आयुक्त
मेयर के दावे एकदम गलत हैं। कमला नगर में पानी नहीं भरा, पर पूरे शहर में विकराल हालात रहे। अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और मेयर उन पर कार्रवाई नहीं कर रहे। इसीलिए हालात खराब हो रहे हैं। सदन हो नहीं रहा, सवालों के जवाब कैसे मिलेंगे। - शिरोमणि सिंह, पार्षद
ट्रांसपोर्ट नगर में लगातार पानी भरा हुआ है। मुख्य सड़कों से ब्लॉक दो फुट तक नीचे हैं। न नाले बनाए हैं और न ही जल निकासी की व्यवस्था है। कोई ट्रांसपोर्टर यहां क्यों आए। दुकान खोलने के लिए जलभराव और कीचड़ से निकलना पड़ता है। पूरे देश में कोई ट्रांसपोर्ट नगर ऐसी दुर्दशा वाला है क्या। - वीरेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष, ट्रांसपोर्ट चैंबर