उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश की पुलिस के लिए चुनौती बना 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश मुकेश ठाकुर सोमवार तड़के आगरा के थाना सदर क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। वह राजस्थान के धौलपुर जिले के जारगा गांव का रहने वाला था। पुलिस का दावा है कि वह रविवार रात को अपने साथी जितेंद्र के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ के बाद उसे पुलिस पूर्व में लूटी गई रायफल बरामदगी के लिए ले जा रही थी। तभी उसने दो सिपाहियों को घायल कर और पिस्टल लूटकर भागने लगा। पुलिस के घेरने पर फायरिंग की। पुलिस ने भी जवाब में फायरिंग की। मुठभेड़ में बदमाश को गोली लग गईं। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
आगरा: 45 दिन में पांच बदमाश ढेर, तीन राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बने मुकेश ठाकुर का 'खेल' भी खत्म
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आगरा में 13 नवंबर 2020 को जगनेर के सरेंधी चौराहा स्थित ठाकुर फिलिंग स्टेशन में लूट हुई थी। पंप से कैश के साथ गार्ड की रायफल भी लूटी गई थी। 13 फरवरी को छत्ता क्षेत्र के एक व्यापारी रामचंद कुकरेजा की हत्या की सुपारी ली गई थी। व्यापारी के नौकर को गोली मारकर बदमाश भाग गए थे। इसके बाद 16 फरवरी को इरादनगर स्थित केनरा बैंक में फायरिंग कर डाका डाला गया था। पुलिस के मुताबिक इसमें मुकेश ठाकुर का नाम आया था। वह तीनों मुकदमों में वांछित था। उस पर तत्कालीन आईजी ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पूर्व में उसके साथी पकड़े गए थे।
आईजी नवीन अरोरा ने बताया कि सूचना मिली थी कि मुकेश ठाकुर आगरा में एक व्यक्ति की सुपारी ले चुका है। इस पर एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया गया। रविवार रात 12 बजे रोहता मार्ग पर मुकेश ठाकुर और उसका साथी जितेंद्र निवासी मनिया, धौलपुर को चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। थाने लाकर पूछताछ की गई।
मुकेश ठाकुर ने बताया कि सदर क्षेत्र में उसके एक साथी के पास पंप से लूटी रायफल रखी है। तड़के तकरीबन 4:30 बजे पुलिस टीम मुकेश को दो गाड़ियों में साथ लेकर जा रही थी। कंपनी बाग के पास मुकेश ठाकुर ने सिपाही रिषी से पिस्टल छीन ली। उसका सिर शीशे में मार दिया। वह घायल हो गया। हेड कांस्टेबल ज्ञानेंद्र को भी गाड़ी से धक्का देकर जमीन पर गिराया। इसके बाद भागने लगा। जानकारी पर आईजी और एसएसपी मुनिराज जी. पहुंचे। मुकेश ठाकुर की घेराबंदी कर ली। इस पर वह फायरिंग करने लगा। जवाब में पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिसमें मुकेश घायल हो गया। उसे एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी लेकर गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। उसके साथी जितेंद्र का कोई आपराधिक इतिहास नहीं निकला है। उसके पास से चोरी की बाइक मिली है। उससे पूछताछ की जा रही है।
आईजी नवीन अरोरा ने बताया कि मुकेश ठाकुर ने वर्ष 2004 में गांव के ही रामचरन की हत्या रंजिश में की थी। इसके बाद वह बदमाश बन गया। उस पर आगरा के थाना इरादतनगर में दो, छत्ता में एक, जगनेर में छह, बसई जगनेर में तीन, सैंया में एक, धौलपुर के बसेड़ी में 22, सैपऊ, सरमथुरा, मनिया, भरतपुर के बयाना, सेवर, मध्य प्रदेश के भिंड के गोरमी में एक-एक मुकदमा दर्ज है। वह आगरा के छह मुकदमों में वांछित था। उस पर जयपुर से भी 25 हजार रुपये का इनाम है।
पुलिस के मुताबिक, मुकेश ठाकुर ने वर्ष 2004 में गांव के ही रामचरन की रंजिश में हत्या की थी। उसका कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। इससे गांव में दबदबा कायम किया। वर्ष 2009 में आजीवन कारावास की सजा हुई। तब वो पेरोल पर छूट गया। इसके बाद कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। वह धौलपुर के सैपऊ थाना क्षेत्र के कैंथरी गांव के पास से दो पुलिसकर्मियों की रायफल लूटकर फरार हो गया था।
गांव में आकर कर दी थी हत्या
वर्ष 2010 में गांव में थान सिंह की हत्या कर दी। फिर धौलपुर के बदमाश जगन सिंह के भाई भूरा गुर्जर की हत्या की। इसके बाद भिंड से तीन युवकों का अपहरण किया। इनके परिजनों से 12 लाख की फिरौती वसूल की। गांव के मुन्ना सेठ का अपहरण करके दस लाख रुपये की फिरौती वसूली। वर्ष 2011 में धौलपुर पुलिस और यूपी एसटीएफ ने सूरत से पकड़ा। रायफल बरामद हो गईं। इसके बाद जेल भेजा गया। वर्ष 2019 में वह पेरोल पर छूटकर आया। फिर कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। आगरा में दस महीने में पेट्रोल पंप पर लूट, छत्ता के व्यापारी की सुपारी और इरादतनगर के केनरा बैंक की शाखा में डाका डाला था। पुलिस ने बताया कि अपनी कदकाठी की वजह से मुकेश ठाकुर अच्छा पहलवान था। वह एक या दो पुलिसकर्मियों काबू में नहीं आता था।