कोरोना काल में वृंदावन में रह रहीं पश्चिम बंगाल की विधवाओं ने कान्हा थीम पर सिल्क और कॉटन डिजाइनर मास्क तैयार किए हैं। सुलभ इंटरनेशनल संस्था ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस पर इन मास्क को वेबिनार के माध्यम से लांच किया गया। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि विधवा महिलाओं ने बड़े ही सेवाभाव से इन मास्क को बनाया है।
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चेहरे पर मास्क बांधे हुए महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
सुलभ इंटरनेशनल की उपाध्यक्ष विनीता वर्मा ने बताया कि फिलहाल 1000 मास्क तैयार किए हैं। वेबिनार में दुनिया भर के लोगों ने भाग लिया। ये मास्क ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करके बेचे जाएंगे। इस वेबिनार का आयोजन सुलभ इंटरनेशनल ने किया। इसमें न्यूयॉर्क से मास्टर शेफ विकास खन्ना के साथ कई लोग शामिल हुए।
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वृंदावन की विधवाओं ने बनाए मास्क
- फोटो : अमर उजाला
विनीता वर्मा ने बताया कि वृंदावन के विभिन्न आश्रमों में रहने वाली इन माताओं ने मास्क डिजाइन करने के लिए अपनी रुचि व्यक्त की और उन चित्रों को चुना है, जो भगवान कृष्ण से जुड़े हुए हैं। इसमें मोर पंख , बांसुरी, यमुना जैसे विशेष डिजाइन के साथ प्रशिक्षण और व्यवस्थित कपड़े प्रदान किए।
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मास्क बनातीं महिला
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन के दौरान वृंदावन के आश्रमों में रहने वाली विधवा महिलाओं ने मास्क बनाना सीखा और अब तक पांच हजार से अधिक खादी, कपास के मास्क तैयार कर चुकी हैं।
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विधवाओं को बांटे गिए खाद्य पदार्थ व अन्य सामान
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन की विधवाओं द्वारा बनाए गए मास्क पुलिस, सरकारी कर्मचारियों, स्वच्छ कर्मियों आदि को वितरित किए जा चुके हैं। इस दौरान विकास खन्ना ने सुलभ संस्थापक डॉ. बिंदेश्वर पाठक के प्रयासों की सराहना की।