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आगरा: विष्णु को 19 साल बाद जेल से मिली रिहाई, हाईकोर्ट ने एक महीने पहले बेगुनाह करार दिया था, पढ़िए पूरा मामला

Fri, 05 Mar 2021 12:11 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 05 Mar 2021 12:11 AM IST
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Vishnu Release Fom Central Jail After 19 Years
केंद्रीय कारागार से रिहा होने के बाद विष्णु - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय जेल में निरुद्ध ललितपुर के विष्णु की रिहाई का परवाना बुधवार को पहुंच गया। इसके बाद विष्णु को रिहा कर दिया गया। हाईकोर्ट ने एक महीने पहले उन्हें बेगुनाह करार दिया था। इसकी जानकारी विष्णु को पहले से थी। रिहा होने के बाद विष्णु के चेहरे पर एक तरफ जेल में बिताए 19 साल का गम था तो बाहर आने की खुशी भी थी। ललितपुर के थाना महरौनी के गांव सिलावन निवासी विष्णु तिवारी (46) को दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। वह वर्ष 2000 से जेल में बंद थे। वर्ष 2003 में केंद्रीय कारागार में लाए गए थे। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी। इस पर जेल की ओर से अपील की गई थी। विधिक सेवा प्राधिकरण ने उनके मामले की पैरवी हाईकोर्ट में की। कोर्ट ने विष्णु को निर्दोष करार देते हुए रिहा करने के आदेश किए। बुधवार दोपहर विष्णु की रिहाई का परवाना जेल प्रशासन को मिला। इस पर उनकी रिहाई कराई गई। उनके भाई महादेव को आना था। मगर, तबीयत खराब होने की वजह से वह नहीं आ सके।
Vishnu Release Fom Central Jail After 19 Years
केंद्रीय कारागर से रिहाई के बाद विष्णु - फोटो : अमर उजाला
ढाबा खोलेगा विष्णु
जेल से बाहर आने पर विष्णु ने बताया कि वह बनारसी साड़ियों का कारीगर है। वाराणसी में एक कारखाने में साड़ियों पर जरदोजी का काम करते थे। उन्होंने गांव के ही एक दोस्त को अपनी जिम्मेदारी पर काम दिला दिया। उसकी बहन की शादी होनी थी।
  
Vishnu Release Fom Central Jail After 19 Years
आगरा केंद्रीय कारागार - फोटो : अमर उजाला
मालिक से उसे पेशगी में रकम दिला दी। दोस्त रकम लेने के बाद काम पर नहीं लौटा। इस कारण मालिक से विवाद हो गया। इस पर उनका काम छूट गया। गांव लौटकर आया तो महिला ने मुकदमे में फंसा दिया। जेल में रहने के दौरान खाना बनाना, कपड़े बुनना सीखा है। अब वह अपने लिए एक ढाबा खोलेंगे। विष्णु ने जेल में 19 साल तीन महीने बिताए हैं। 
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Vishnu Release Fom Central Jail After 19 Years
जेल से बाहर आने के बाद विष्णु - फोटो : अमर उजाला
जेल से बाहर आते ही आंखों से निकले आंसू 
केंद्रीय कारागार से बाहर आते ही विष्णु की आंखों से आंसू निकल आए। उन्होंने एक व्यक्ति से फोन लेकर अपने भाई महादेव को कॉल किया। परिवार के लोगों का हाल जाना। उन्होंने जेल में रहने के दौरान 600 रुपये कमाए थे। अब इन्हीं रुपयों से वापस अपने घर जाने के लिए खड़े थे। वहीं जेल में कमाई के रुपये खाते में जमा हैं। इनके बारे में अभी उन्हें पता नहीं है। 
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Vishnu Release Fom Central Jail After 19 Years
केंद्रीय कारागार आगरा - फोटो : अमर उजाला
तीन साल बाद मां और भाई की मौत का चला पता 
विष्णु तिवारी के पिता राम सेवक की वर्ष 2014 में मौत हो गई थी। एक साल बाद मां सखी की भी बीमारी से मौत हो गई। इसके बाद बड़े भाइयों राम किशोर और दिनेश की भी मौत हो गई। पिता की मौत के बारे में गांव के एक परिचित ने पत्र भेजकर बताया था। मगर, मां और दो भाइयों की मौत का पता तीन साल बाद चला। वर्ष 2018 में जब छोटा भाई महादेव मिलने आया तो मां और भाई की मौत का पता चला। तब से वह पूरी तरह से टूट गए थे। विष्णु के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला की सात साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है।
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