नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आग में शुक्रवार को सुहागनगरी धधक उठी। जुमे की नमाज के बाद भारी बवाल हुआ। बेकाबू भीड़ ने नालबंदान पुलिस चौकी फूंक दी। भीड़ ने यहां खड़ी पुलिस की जीप और बाइकों को भी आग के हवाले कर दिया। भारी पथराव पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। भीड़ के नहीं रुकने पर हवा में फायरिंग की। इसके बाद दुकानों के धड़ाधड़ शटर गिर गए। बाजार में भगदड़ मच गई।
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उपद्रवियों ने कई वाहन फूंके
- फोटो : अमर उजाला
हिंसक प्रदर्शन के दौरान बेकाबू भीड़ ने डीएम को भी घेर लिया था। उन्हें फोर्स ने बचाया। बवाल में घायल एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो के शव रात को क्षेत्र में पड़े मिले। वहीं 70 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसके अलावा कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं। शाम चार बजे आईजी जोन ए. सतीश गणेश और मंडलायुक्त अनिल कुमार मौके पर पहुंच गए।
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पथराव करती भीड़
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शहर का माहौल बृहस्पतिवार से ही तनावपूर्ण था। बीती रात से इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। जुमे का दिन होने के कारण सुबह से पुलिस फोर्स शहर में चप्पे-चप्पे पर तैनात रही। नमाज के बाद सदर बाजार की जामा मस्जिद और अन्य मस्जिदों से निकल कर लोग नालबंदान क्षेत्र में एकत्रित होने लगे। दोपहर करीब पौने दो बजे भीड़ ने जुलूस के रूप में नालबंदान से सदर बाजार की ओर आने की कोशिश की तो पुलिस ने रोका। नारेबाजी करते युवाओं की टोली पुलिस को धकेल कर आगे बढने लगी। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने माइक से शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने की चेतावनी दी तो पथराव शुरू हो गया।
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उपद्रवियों ने कई वाहन फूंके
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पुलिस ने हवाई फायरिंग कर खदेड़ना चाहा तो आसपास के मोहल्लों की गलियों से निकल कर लोग सड़क पर आ गए। पथराव तेज हो गया। आंसू गैस के बाद भी भीड़ नालबंदान चौकी तक पहुंच गई। चौकी में रखे फर्नीचरों में आग लगा दी। बाइकों और जीप भी फूंक दी। पुलिस ने आंसू गैस के साथ लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा लेकिन भीड़ की तरफ से लगातार पथराव किया जाता रहा।
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भीड़ में घिरे डीएम, फोर्स ने बचाया
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बवाल के दौरान दोपहर करीब सवा दो बजे शिकोहाबाद अड्डे की तरफ से उपद्रवियों को खदेड़ते फोर्स आई तो भीड़ पीछे की ओर भागी। इसी दौरान डीएम चंद्र विजय सिंह नालबंद चौराहे पर बेकाबू भीड़ के बीच फंस गए। पुलिस फोर्स ने उन्हें बचाया। इस दौरान पथराव से उनके अर्दली नवल कुमार को चोटें आईं।