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Flood in Kasganj: गंगा में समा रही जमीन, गांव को बचाने के लिए जद्दोजहद में जुटे ग्रामीण, घरों को किया खाली

Wed, 10 Aug 2022 05:57 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 10 Aug 2022 05:57 PM IST
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Villagers engaged in saving the village from Ganga erosion in kasganj
गंगा में तेजी से हो रहा कटान - फोटो : अमर उजाला

कासगंज जिले में गंगा उफान पर बह रही है। तटीय इलाकों में बसे गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। तेजी जमीन का कटान भी हो रहा है, जिससे ग्रामीण चिंतित हैं। नदी किनारे बसे पांच हजार आबादी वाले गांव बरौना के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। बुधवार को सैकड़ों ग्रामीण गांव को कटान से बचाने के लिए जद्दोजहद करते रहे। सिंचाई विभाग के कटानरोधी कार्यों में सहयोग भी कर रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने अपने आप ही सैंड बैग कटान प्रभावित इलाकों में लगाए। गांव के शहवाजपुर मार्ग पर गंगा के कटान का तेज प्रभाव था, क्योंकि यह सड़क ही अभी तक गांव की आबादी को बचाने का सहारा बनी हुई है। अगर सड़क कटी तो न केवल कटान की गति तेज होगी, बल्कि गंगा का पानी बरौना सहित आसपास के कई गांवों में पहुंच जाएगा। 



अमर उजाला की टीम ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर गांव बरौना के लोगों से हालात की जानकारी ली। गांव के मेघ सिंह शाक्य, धनपाल शाक्य, रामजीत शाक्य, मोहनलाल ने बताया कि अगर सड़क कटी तो गंगा की धारा बरौना में पहुंच जाएगी। आसपास के ही गांव घबरा, म्यूनी, छितैरा, बगवास, कालीगढईया, समसपुर, नगरिया, नगलातरसी, नगला डामर, गजौरा, धरमपुर, चुरलिया तक बाढ़ का पानी पहुंचने का अनुमान है। जिससे खेतीबाड़ी को भी नुकसान हो सकता है। 

Villagers engaged in saving the village from Ganga erosion in kasganj
कटान रोकने के लिए नदी में सैंड बैग लगाता ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
गंगा कटान के मुहाने पर गांव के भूरे सिंह का पहला मकान है, जो गंगा की धारा से करीब आठ मीटर दूर है। भूरे सिंह ने बताया कि उनका मकान पक्का बना हुआ है जो तीन साल पहले बनवाया था। अब कटान के खौफ से वह अपना घर खाली कर चुके हैं। बातचीत करते हुए भूरे सिंह की आंखों में आंसू छलक आए।
Villagers engaged in saving the village from Ganga erosion in kasganj
कटान रोकने के लिए जद्दोजहद करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
गांव के ही कुंवरपाल के घर के किनारे तक गंगा की धारा की दस्तक हो चुकी है। कुंवरपाल ने भी अपने घर का सामान समेट लिया। कुंवरपाल का कहना है कि कटान रुकने का नाम नहीं ले रहा। ऐसे में बस तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। गांव के रविंद्र, रामभजन, भूरे लाल, कुंवरपाल, रामकिशोर, वीरावती, कुलंदी, नूर मोहम्मद, नसीम, शांतअली भी गृहस्थी का सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाते नजर आए, क्योंकि इन सभी के मकान कटान के निशाने पर हैं।
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Villagers engaged in saving the village from Ganga erosion in kasganj
भूसा लेकर सुरक्षित स्थान पर जाती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण भूरे सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग ने अब तक जो भी कार्य किए हैं, उससे कोई राहत नहीं मिल पा रही। लगातार कटान जारी है। यदि समय रहते प्रशासन ने हमारी सुनी होती तो यह हालात नहीं होते। अब तबाही से बचने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा। जमीनें भी कट गईं और अब मकानों की बारी है। आजीविका कैसे चलेगी समझ नहीं आ रहा। 
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Villagers engaged in saving the village from Ganga erosion in kasganj
गंगा में तेजी से हो रहा कटान - फोटो : अमर उजाला
गांव के कुंवरपाल ने बताया कि उनके मकान से गंगा की धारा कुछ ही दूरी पर है। घर भी खाली कर दिया है। कटान नहीं रुक रहा। हर काम फेल हो रहा है। अब गंगा मैया कुछ कृपा करें तो भले ही कुछ हो जाए। वरना तो बर्बादी हो जाएगी। उधर, सिंचाई विभाग की टीमें कटान रोकने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल पा रही। 
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