खलीलाबाद, बिहार बॉर्डर और गीडा गोरखपुर में पकड़े गए 9000 कफ सिरप वाले रैकेट में नए खुलासे हुए हैं। इस गैंग में 17 लोग हैं, जिनमें आगरा के पांच दवा माफिया हैं। ये फेंसीड्रिल गैंग से जाना जाता है। ये जानकारी बस्ती मंडल में पकड़े गए नशे की दवाओं के गैंग के गुर्गों से औषधि विभाग को मिली है।
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UP: ‘फेंसीड्रिल गैंग’ में शामिल हैं आगरा के पांच दवा माफिया, बांग्लादेश में करते हैं नशीली दवाओं की तस्करी
Wed, 10 Aug 2022 01:13 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 10 Aug 2022 01:13 PM IST
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बस्ती मंडल में पकड़ा गया था दवाओं की जखीरा
- फोटो : अमर उजाला
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सांकेतिक तस्वीर
80 फीसदी कफ सिरप फाइव स्टार पार्टी में खपा रहे
सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि बांग्लादेश में फाइव स्टार पार्टियों में फेंसीड्रिल सिरप की सबसे ज्यादा मांग है। आगरा से कालाबाजारी का 80 फीसदी सिरप बांग्लादेश भेजा जा रहा। 205 रुपये का सिरप 12 सौ रुपये तक में बेचा जाता है। बाकी के कफ सिरप को बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड समेत आसपास के राज्यों में खपा रहे हैं। नेपाल में भी तस्करी की जानकारी मिली है।
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के दवा माफिया
नशे की दवा : वर्ष 2018 में कमला नगर के जितेंद्र अरोड़ा उर्फ विक्की और कपिल अरोड़ा को नशे की दवाओं की पंजाब में कालाबाजारी पर पकड़ा गया था। पंजाब एसटीएफ ने इसके तीन गोदाम सील किए थे। इसका रैकेट 11 राज्यों तक फैला था।एक्सपायर्ड : वर्ष 2019 में औषधि विभाग ने आवास विकास कॉलोनी निवासी प्रदीप राजौरा और धीरज राजौरा को नकली और एक्सपायर्ड दवाओं की री-पैकिंग के आरोप में पकड़ा। मथुरा में गोदाम से रीपैकिंग की मशीन और नकली दवाएं भी जब्त की गईं।
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दवाओं की जांच करते एनसीबी अधिकारी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
सैंपल-सरकारी दवा : वर्ष 2020 में कमला नगर में पंकज गुप्ता का अंतरराज्यीय गैंग पकड़ा। इसके यहां से सैंपल और मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों की दवाएं पकड़ी गईं। एसटीएफ की मदद से गैंग के नौ से अधिक गुर्गे गिरफ्तार भी हुए।
गर्भपात किट : वर्ष 2020 में फव्वारा के एके इंटरप्राइजेज पर गर्भपात किट की हरियाणा, राजस्थान में भ्रूण लिंग जांच गैंग को कालाबाजारी के आरोप में कार्रवाई की गई। औषधि विभाग ने इसका लाइसेंस निरस्त करते हुए मुकदमा लिखाया।
सर्जिकल सामान: 2021 में गढ़ी भदौरिया में औषधि विभाग ने चार मंजिला अवैध फैक्टरी पकड़ी। यहां पर उपयोग में लाए गए सर्जिकल ग्लव्स, यूरिन बैग को रीपैक कर कोविड के दौरान बेचते थे। इसका मालिक राजन अग्रवाल मौके से भाग गया था।
गर्भपात किट : वर्ष 2020 में फव्वारा के एके इंटरप्राइजेज पर गर्भपात किट की हरियाणा, राजस्थान में भ्रूण लिंग जांच गैंग को कालाबाजारी के आरोप में कार्रवाई की गई। औषधि विभाग ने इसका लाइसेंस निरस्त करते हुए मुकदमा लिखाया।
सर्जिकल सामान: 2021 में गढ़ी भदौरिया में औषधि विभाग ने चार मंजिला अवैध फैक्टरी पकड़ी। यहां पर उपयोग में लाए गए सर्जिकल ग्लव्स, यूरिन बैग को रीपैक कर कोविड के दौरान बेचते थे। इसका मालिक राजन अग्रवाल मौके से भाग गया था।
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बस्ती मंडल में पकड़ा गया था दवाओं की जखीरा
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