बॉलीवुड अभिनेता ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार दो बार फिल्म की शूटिंग के लिए आगरा आ चुके हैं। एक बार 1964 में फिल्म लीडर और दूसरी बार 1982 में फिल्म विधाता की शूटिंग के लिए वह आगरा आए थे। विधाता की शूटिंग के दौरान वह जनकवि मियां नजीर अकबराबादी की शायरी के कायल हो गए। उस दौरान जब वह ताजमहल देखने पहुंचे तो ताज देखकर बोले-आगरा में ताज और नजीर, वाह क्या बात है.... मियां नजीर की शायरी की किताब उन्होंने हॉस्पिटल रोड के बुक स्टोर से मंगवाई थी, जिसे वह विधाता की शूटिंग के दौरान पढ़ते रहते थे।
यादों में दिलीप कुमार: जब 'ट्रेजडी' किंग बोले- आगरा में ताज और नजीर, वाह क्या बात है...
ताज पहुंचे तो उमड़ पड़ा लोगों का सैलाब
1964 में जब वह लीडर फिल्म की शूटिंग के दौरान ताजमहल पहुंचे तो सैलानी ताज का दीदार छोड़ उन्हें देखने के लिए जमा हो गए। एक-एक कदम चलना भी मुश्किल हो गया तो पुलिस ने उन्हें ताजमहल में एएसआई के ऑफिस में पहुंचाया। अभिनेत्री बैजयंती माला के साथ उन पर ताजमहल में गीत इक शहंशाह ने बनवा के हंसी ताजमहल, सारी दुनिया को मोहब्बत की निशानी दी है... था, जो ताज से आज भी जुड़ा हुआ है। इस फिल्म की शूटिंग ताजमहल और आगरा की विभिन्न लोकेशनों पर हुई थी। ताज के मुख्य मकबरे, सेंट्रल टैंक पर दृश्य फिल्माए गए थे।
शेख सलीम चिश्ती की दरगाह की जियारत की
1964 में लीडर फिल्म की शूटिंग के दौरान दिलीप कुमार फतेहपुर सीकरी देखने पहुंचे, जिसके बारे में उन्होंने फिल्म मुगल-ए-आजम में पढ़ रखा था। उन्होंने सबसे पहले शेख सलीम चिश्ती की दरगाह की जियारत की। आगरा के एमजी रोड निवासी ओम प्रकाश शर्मा, वेदप्रकाश शर्मा और तिलक राज भाटिया फतेहपुर सीकरी में उनके साथ रहे थे। तब आगरा गेट की ओर उन्होंने परिवार के साथ फोटो भी खिंचवाया था। तिलक राज भाटिया ने ही उन्हें कैमरे में कैद किया था। भाटिया के मुताबिक मुगल-ए-आजम फिल्म में किरदार निभाने के कारण उन्हें सीकरी और मुगल दौर में बनी इमारतों को लेकर खास रुचि नजर आई थी। सीकरी के सभी स्मारकों को तब दिलीप कुमार ने उनके साथ ही देखा था।
1982 में ताजमहल को दोबारा देखने की इच्छा उनके मन में थी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के वरिष्ठ संरक्षण सहायक पद से सेवानिवृत्त डॉ. आरके दीक्षित तब ताज में तैनात थे। डॉ. दीक्षित बताते हैं कि सुबह 10 बजे जब दिलीप कुमार आए तो उनके आते ही शोर मच गया और चंद मिनटों में हजारों लोग ताज में जमा हो गए। दक्षिणी गेट से होते हुए समूचा ताजगंज उमड़ आया। इस बार भी दिलीप साहब ज्यादा देर तक ताज में नहीं रुक पाए। भारी भीड़ के कारण एएसआई अधिकारी उन्हें अपने ऑफिस ले गए, जहां पुलिस बल आने के बाद उन्हें ताज से होटल ले जाया गया।
ग्रांड होटल में रुके थे दिलीप साहब
ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार की फिल्म विधाता की शूटिंग आगरा में 1982 में हुई थी। इसकी शूटिंग के लिए दिलीप कुमार और बैजयंती माला आगरा एक महीने तक रहे थे। होटल ग्रांड के मालिक अरुण डंग के भाई के मित्र रहे दिलीप कुमार उनसे मिलने के लिए तब ग्रांड होटल भी गए थे। फिल्म ‘विधाता’ की शूटिंग में उनके साथ सायरा बानो, अभिनेता संजय दत्त, अमरीश पुरी और निर्देशक सुभाष घई भी होटल मुगल शेरेटन में एक माह रुके थे।