कहते हैं प्यार का रंग चढ़ जाए तो सारे रंग फीके पढ़ जाते हैं। लेकिन ताजनगरी में कुछ ऐसे प्रेमी युगल हैं, जिन्होंने अपने प्रेम की मंजिल हासिल करने के साथ-साथ करियर को भी मुकाम तक पहुंचाया। कभी प्रेमी-प्रेमिका रहे इन दंपतियों ने अपने कॅरियर को अपनी मोहब्बत से कम नहीं समझा। इनकी सोच रही कि जो खुद से प्यार नहीं कर सकता, वो दूसरे से प्यार कैसे कर सकता है। खुद से प्यार करने का ही नतीजा रहा है आज सभी अपने शानदार कॅरियर के साथ ही खुशहाल जीवन जी रहे हैं। जानिए इनकी प्रेम कहानियां...
पहले पाया कामयाबी का मुकाम, फिर लिखी इश्क की इबारत, पढ़िए इनकी प्रेम कहानियां
"हमारी पहली मुलाकात दिल्ली में हुई थी। पहले भी एक-दो बार मुलाकात हो चुकी थी। उस दौर में कॅरियर बनाने की भी ललक थी। इसलिए पहले दोनों ने कॅरियर पर ध्यान दिया। इसके बाद मेरी नियुक्ति जवाहर नवोदय विद्यालय में हुई। मेरे पति केएस चौधरी को इंडियन ऑयल कारपोरेशन में इंजीनियर की नौकरी मिली। इसके बाद हमने प्यार का इजहार किया। हम दोनों का कॅरियर बन चुका था। इसलिए परिवार के लोगों ने भी कोई खास दिक्कत सामने नहीं आने दी। "
"पढ़ाई के दौरान ही हम दोनों को प्यार हुआ। वह दौर कॅरियर बनाने का था। दोनों ने एक साथ इस बात का फैसला लिया कि पहले हम दोनों अपने कॅरियर पर ध्यान देंगे। इसके बाद कुछ और सोचा जाएगा। हम दोनों एक-दूसरे की भावना को समझते थे। हमें मालूम था कि कॅरियर के बिना कुछ भी नहीं है। मैंने पॉवरलिफ्टिंग में कॅरियर बनाया और पत्नी ने शिक्षा के क्षेत्र में। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पावर लिफ्टिंग में कई मेडल्स जीते। पत्नी की शिक्षा विभाग में नौकरी लगी।"
"इंजीनियरिंग करने के दौरान मोहब्बत हो गई। एक तरफ कॅरियर से प्यार तो दूसरी तरफ पत्नी सौम्या शर्मा (तब प्रेमिका) से प्रेम। दोनों में से कुछ भी नहीं खोना चाहता था। एक दिन बातचीत के दौरान सौम्या से अपने कॅरियर को लेकर बातचीत हुई। उन्होंने समझाया कि कॅरियर पहले है। उसी दिन मैंने फैसला कर लिया कि पहले कॅरियर बनाना है। मैं आज ओएनजीसी में इंजीनियर हूं। मुझे अच्छा लगता है कि मेरी नौकरी और मेरी पत्नी आज दोनों मेरे साथ है। यह स्वयं से प्रेम करना का नतीजा है। "
"मैंने अपने कॅरियर को पहले प्राथमिकता दी। यही कारण रहा कि कई बार काम करने के दौरान जब इनका फोन आता था, तो मैं डांट देता था। एक दिन प्यार से समझाया कि अगर जिंदगी में कॅरियर नहीं है, तो कुछ भी नहीं है। बताया कि मैं सबसे पहले अपने से प्यार करता हूं। अगर मैं अपने से प्यार करूंगा, तभी तुमसे सच्ची मोहब्बत कर सकता हूं। मेरी बात को समझा गया। इन्होंने मेरा साथ भी दिया। आज मेरे पास स्मृद्धि क्रॉप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड समेत पांच कंपनियां हैं। सभी में निदेशक हूं। हम दोनों खुश हैं।"