उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की पीसीएस-2016 की परीक्षा में ताजनगरी का शतक लगा है। आगरा में रहने वाले और यहां रहकर पढ़ाई करने वाले 100 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में सफलता पाई है। कई लोगों को महत्वपूर्ण पद मिले हैं। सेंटर फॉर एंबिशन के निदेशक अमित सिंह के मुताबिक उनके यहां तैयारी करने वाले 51 अभ्यर्थियों को पीसीएस 2016 की परीक्षा में सफलता मिली हैं। वहीं बाजीराव एंड रेड्डी इंस्टीट्यूट के एसएस चौधरी का कहना है कि उनके यहां अध्ययनरत 49 छात्रों ने इस परीक्षा में सफलता पाई है।
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मनमोहन यादव को जिला ऑडिट अधिकारी का पद मिला
महर्षिपुरम् निवासी मनमोहन यादव को जिला ऑडिट अधिकारी का पद मिला है। यह वर्ष 2013 से बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट पद पर तैनात हैं। मनमोहन यादव के मुताबिक उनकी पत्नी कुलदीप कौर पीसीएस की तैयारी कर रही थीं। वह पत्नी को तैयारी करा रहे थे। पति-पत्नी दोनों ने साक्षात्कार दिया था। पत्नी का चयन नहीं हो पाया। मनमोहन का कहना है कि कुलदीप कौर की मेहनत भी जरूर रंग लाएगी। मनमोहन के पिता दलवीर सिंह यादव पुलिस में सिपाही थे। मां ग्यासीदेवी गृहणी हैं।
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सौरभ सिंह को एसडीएम पद मिला
सेंटर फॉर एंबिशन से तैयारी करने वाले सौरभ सिंह को एसडीएम पद मिला है। वह बलिया जिले के बरेंवा गांव के रहने वाले हैं। पिता परमात्मानंद सिंह जूनियर हाईस्कूल में लिपिक हैं। मां सुमन बेसिक एडेड स्कूल में अध्यापिका हैं। सौरभ ने दूसरे प्रयास में ही सफलता अर्जित की। वह वर्ष 2014 से तैयारी कर रहे थे। इनको प्रदेश में आठवीं रैंक हासिल की है। यह आईएएस बनना चाहते हैं। सौरभ सिंह का तैयार करने वाले अभ्यर्थियों के लिए संदेश है कि कड़ी मेहनत की सफलता का मूलमंत्र है।
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अजय संतोषी को नायब तहसीलदार का पद मिला
ट्रांस यमुना कॉलोनी, फेस-टू के रहने वाले अजय संतोषी को नायब तहसीलदार का पद मिला है। उनके पिता रमेश सिंह संतोषी यूपी वेयर हाउसिंग कोआपरेशन से सेवानिवृत्त हैं। मां शीला देवी गृहणी हैं। अजय संतोषी का तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए संदेश है कि वह अपनी असफलता से घबराएं नहीं। आखिर कब तक असफलता मिलेगी। लक्ष्य बनाकर जुटे रहेंगे तो सफलता जरूर हासिल होगी। अजय संतोषी का कहना है कि उन्होंने पीसीएस-2017 की परीक्षा भी दी है। उसमें भी अच्छा परिणाम आने की संभावना है।
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सतीश बघेल को असिस्टेंट कमिश्नर का पद मिला
इरादत नगर अहिरपुरा के रहने वाले सतीश बघेल को असिस्टेंट कमिश्नर का पद मिला है। यह मथुरा में वर्ष 2015 से नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं। इनका कहना है कि सेवा में रहते हुए तैयार करना चुनौतीपूर्ण होता है। मेहनत करने पर सफलता जरूर मिलती है। मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। लक्ष्य बनाकर पढ़ाई करनी चाहिए। सतीश के पिता रामनाथ बघेल सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और बड़े भाई आर्मी में तैनात हैं।