योगी जी, ये क्या हो रहा है मथुरा में। थानों में सुनवाई नहीं हो रही। पुलिस अफसर भी नहीं सुन रहे हैं। दबंगों से परेशान पीड़ित अपनी जान दे रहे हैं, वो भी थाने और कोतवाली में। शनिवार को राया थाना में जहर खाकर पहुंचे एक और व्यक्ति की जान चली गई। थाना सुनवाई के दौरान हुई इस घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया है।
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मृतक जोगेंद्र का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
जनपद में यह पहला मामला नहीं है, जब पीड़ित ने मजबूर होकर आत्मघाती कदम उठाया है। सवा माह पहले ही सुरीर कोतवाली में दंपती ने आत्मदाह करके जान दे दी थी। पिछले सप्ताह ही पीड़ित महिला मिट्टी का तेल लेकर एसएसपी ऑफिस पहुंच गई थी। लोगों का कहना है कि पुलिस थानों में सुनवाई के बजाय दबंगों से यारी निभा रही है।
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जोगेंद्र और उसकी पत्नी चंद्रवती के फाइल फोटो
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18 अगस्त को सुरीर कोतवाली में जुगेंद्र और उसकी पत्नी चंद्रवती ने आत्मदाह कर लिया था। दबंगों से परेशान होने वाले दंपती ने सुरीर पुलिस से कई बार गुहार लगाई, पर पुलिस से न्याय नहीं मिल सका। आखिरकार कोतवाली में आत्मदाह का कदम उठाया। दंपती की मौत के बाद हरकत में आई पुलिस ने दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
23 सितंबर को एसएसपी कार्यालय पर मिट्टी के तेल की कट्टी लेकर महिला पहुंची थी। यह महिला भी पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने से परेशान थी। महीनों से चक्कर लगाने के बाद आखिरकार सुनवाई न होने पर बच्चों के साथ मिट्टी का तेल लेकर एसएसपी ऑफिस पहुंच गई थी। उस समय पुलिस ने महिला को समझा-बुझाकर वापस कर दिया था। इसके दो दिन बाद 25 सितंबर को इसी महिला ने अपने पुरुष मित्र के साथ मिलकर एक घंटे तक एसएसपी कार्यालय के पास हंगामा काटा था। कार में आग लगाकर फायरिंग करके माहौल गर्मा दिया।
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थाना मांट
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21 अगस्त को थाना मांट में गांव दरबै की रहने वाली विमलेश पत्नी धर्मवीर मिट्टी का तेल छिड़ककर पहुंची थी। विवाहिता का आरोप था कि पति और देवर राजेश आए दिन उससे मारपीट करते हैं। बार-बार फरियाद के बाद भी पुलिस उसकी नहीं सुन रही है। मिट्टी का तेल शरीर पर देखकर पुलिस महकमे में खलबली मच गई थी।