आगरा की अधिवक्ता दरवेश यादव यूपी बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष चुने जाने के बाद बुधवार को ही आगरा पहुंचीं थीं। कचहरी परिसर में साथी वकील उनका स्वागत कर रहे थे। दरवेश यादव दीवानी परिसर में वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मिश्रा के चैंबर में थीं जब हमलावर ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एडवोकेट मनीष शर्मा यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव के पास पहुंचे और उन्होंने तीन राउंड फायरिंग की। जब दरवेश गिर गईं। इसके बाद एडवोकेट मनीष शर्मा ने खुद को भी गोली मार ली।
तस्वीरें: यूपी बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष थीं दरवेश, कचहरी में चल रहा था स्वागत समारोह
यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या की खबर शहर में जंगल की आग की तरह फैल गई। दीवानी परिसर में आनन फानन में पुलिस अधीक्षक शहर प्रशांत वर्मा पहुंचे। इसके बाद अपर पुलिस महानिदेश आगरा जोन अजय आनंद ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एडीजी जोन आगरा अजय आनंद ने दरवेश यादव की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि हमलावर मनीष शर्मा की हालत गंभीर है।
यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव मूल रूप से एटा की निवासी थीं। उन्होंने आगरा कॉलेज से विधि स्नातक की डिग्री हासिल की थी। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा विश्वविद्यालय) से एलएलएम किया। साल 2004 से दीवानी में प्रैक्टिस कर रही थीं। दरवेश यादव साल 2017 में बार काउंसिल ऑफ यूपी की कार्यकारी अध्यक्ष रह चुकी थीं। साल 2018 में बार काउंसिल के चुनाव में दरवेश यादव दूसरी बार सदस्य चुनी गईं। दो दिन पहले ही दरवेश यादव उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं।
यूपी बार काउंसिल के इतिहास में वे पहली महिला अध्यक्ष बनी थीं। यूपी बार काउंसिल का चुनाव रविवार को प्रयागराज में हुआ था। दरवेश यादव और हरिशंकर सिंह को बराबर 12-12 वोट मिले थे। उसके बाद तय हुआ थी कि दोनों छह-छह महीने का कार्यकाल पूरा करेंगे। पहले छह महीने का कार्यकाल दरवेश यादव को मिला था। दरवेश यादव के नाम एक रिकॉर्ड यह भी है कि बार काउंसिल के 24 सदस्यों में वह अकेली महिला थीं। चुनाव मैदान में कुल 298 प्रत्याशी थे। उनके परिवार में बहन भाई और पिता हैं। उनकी हत्या के बाद एटा स्थित उनके आवास पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया।