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ताजमहल के दीदार के वक्त इन 'खतरों' से आपका भी हो सकता है सामना, देखिए तस्वीरें

Thu, 24 May 2018 09:35 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Thu, 24 May 2018 09:35 AM IST
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tourists are in danger from stray animals in taj mahal
ताजमहल में ख्ातरा - फोटो : अमर उजाला
दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल का दीदार करने के लिए पूरी दुनिया के पर्यटक खिंचे चले आते हैं, लेकिन वे यहां कई खतरों से अंजान हैं। ताजमहल में मंगलवार को फ्रांस की दो महिला पर्यटकों को बंदरों ने काट लिया। इसी तरह ताजमहल का दीदार करने के दौरान पर्यटक कई अन्य खतराें से भी घिरे रहते हैं। आइए जानें उन खतरों के बारे में...
tourists are in danger from stray animals in taj mahal
ताजमहल में ख्ातरा - फोटो : अमर उजाला
ताजमहल में सुबह और शाम को बंदरों के झुंड पहुंचते हैं। दशहरा घाट से बंदरों का झुंड यमुना किनारे चमेली फर्श तक पहुंचता है और उसके बाद वह वाटर कूलर और मस्जिद के टैंक पर पहुंचते हैं। ताज के वाटर चैनल में पानी से अठखेलियां करने के दौरान लगातार पर्यटकों के लिए खतरा बने हुए हैं। इंदौर के बच्चों पर भी वह हमला चुके हैं। 
tourists are in danger from stray animals in taj mahal
ताजमहल में ख्ातरा - फोटो : अमर उजाला
ताजमहल का दीदार के समय बंदरों के अलावा सांड़, कुत्तों का भी खतरा है। ताजमहल की दोनों पार्किंग शिल्पग्राम और अमरूद टीला से लेकर प्रवेश द्वार तक सांड़ और कुत्तों का आतंक है। पूर्वी गेट पर आवारा पशुओं का आतंक कई साल से बरकरार है। पाठक प्रेस से लेकर ताज नेचर वॉक के गेट तक सांड़ और कुत्ते पर्यटकों को घायल कर चुके हैं। 
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ताजमहल में ख्ातरा - फोटो : अमर उजाला
इजराइल के प्रधानमंत्री हों या कनाडा के, रूस के राष्ट्रपति हों या फिलीपींस के, वीवीआईपी मेहमानों के सामने भी सांड़ और कुत्तों ने खूब जगहंसाई कराई है। पूर्वी गेट पर काफिले के सामने आवारा जानवरों के आने से सुरक्षाकर्मियों के सामनेअसहज स्थिति बन चुकी है।नगर निगम इस पर कोई कार्रवाई ही नहीं करता है। 
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ताजमहल में ख्ातरा - फोटो : अमर उजाला
ताज में बंदरों का उत्पात बढ़ने पर 500 बंदरों की नसबंदी कर उन्हें कीठम भेजने की योजना बनी थी। यहां वानर वाटिका बनाकर बंदरों को शिफ्ट करना था, लेकिन न तो ताज से और न ही मेडिकल कालेज से बंदर पकड़े जा सके। एडीए ने वाइल्ड लाइफ एसओएस को ढाई करोड़ रुपये बंदर पकड़ने के लिए दिए थे, लेकिन एसओएस ने बंदर पकड़े ही नहीं। 
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