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'बेटा...अब कैसे जिऊंगी': इंजेक्शन लगते ही तड़पने लगा मासूम, इकलौते बेटे की आंखों के सामने मौत; बेहोश हुई मां

Mon, 31 Aug 2026 09:32 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 31 Aug 2026 09:32 AM IST
सार

आगरा के सैंया क्षेत्र में बुखार से पीड़ित पांच वर्षीय मानव की झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने के बाद हालत बिगड़ गई और निजी अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। बच्चे की मौत के बाद आरोपी अस्पताल बंद कर फरार हो गया, जबकि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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Fatal Injection: Five-Year-Old Boy Dies After Quack Doctor Gives Injection for Fever, Operator Flees
झोलाछाप के इंजेक्शन से मासूम की मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने एक और मासूम की जान ले ली। सैंया क्षेत्र में एक झोलाछाप के इंजेक्शन लगाते ही पांच वर्षीय मानव ने तड़पकर दम तोड़ दिया। झोलाछाप अस्पताल बंद कर भाग निकला। परिजन के हंगामा करने पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। वहीं पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने पर विसरा सुरक्षित रखा गया है।
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राजस्थान के धौलपुर जिले के नादौली की शाला निवासी दिनेश गोस्वामी के बेटे मानव को दो दिन से बुखार था। परिजन ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब दो बजे दिनेश अपनी पत्नी आशा देवी के साथ बच्चे को अस्पताल ले गए। वे अहीर की गढ़ी पुलिया के पास झोलाछाप गबडू के अस्पताल पहुंचे थे।
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आरोप लगाया कि गबडू ने पहले बच्चे को बुखार उतारने का सिरप पिलाया। इसके 15-20 मिनट बाद उसे इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगते ही बच्चा तड़पने लगा और उसने मलमूत्र भी त्याग दिया। यह देखकर परिजन घबरा गए। झोलाछाप ने उन्हें इमरजेंसी ले जाने के लिए कहा। निजी अस्पताल में पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सैंया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी से भी रिपोर्ट तलब की है।

 

बेटा...तेरे बिना कैसे जिऊंगी
दिनेश मजदूरी करते हैं। मानव से बड़ी दो बहनें हैं, जिनकी उम्र आठ और छह साल है। इकलौते बेटे की मौत से मां आशा देवी बेहाल हैं। बेटा...तेरे बिना कैसे जिऊंगी...यह कहकर वह बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। ऐसा दृश्य देखकर सभी की आंखें भर आईं।

 
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10-12 साल से चल रहा अस्पताल
अहीर की गढ़ी पुलिया में झोलाछाप गबडू का अस्पताल कई साल से चलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बेखबर बने रहे। मृतक बच्चे के ताऊ अशोक गिरि का कहना है कि गबडू 10-12 साल से अस्पताल चला रहा है। यहां पहले भी मौतें हो चुकी हैं।


 

झोलाछाप के इलाज से महिला की गई जान
वहीं बरहन कस्बे के एक झोलाछाप के इलाज से रविवार को महिला की जान चली गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना के बाद से झोलाछाप दुकान बंदकर भाग निकला। कस्बे के मोहल्ला ताल निवासी शालिनी (37) पत्नी राज किशोर की शादी करीब 16 वर्ष पहले हुई थी। पति राजकिशोर ने बताया कि रविवार दोपहर शालिनी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह बरहन के आंवलखेड़ा रोड स्थित एक झोलाछाप की दुकान में इलाज के लिए ले गया था। झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही महिला बेहोश हो गई। हालत बिगड़ने पर आगरा के एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद मायके और ससुराल पक्ष के लोगों में विवाद भी हो गया। थाना प्रभारी बरहन ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अभी तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
 
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