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ताज पर धब्बा: चमेली फर्श को नाम लिखकर कर दिया छलनी, देखें तस्वीरें
Wed, 24 Feb 2021 12:48 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 24 Feb 2021 12:48 PM IST
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ताजमहल के पत्थरों पर नाम लिखता युवक
- फोटो : अमर उजाला
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ताजमहल के चमेली फर्श को यहां आने वाले कुछ पर्यटकों ने अपना नाम लिखकर छलनी कर दिया है। लाल पत्थर और सफेद संगमरमर से बने चमेली फर्श के पत्थर बदलने का काम दो साल से चल रहा है। लॉकडाउन के बाद आए पर्यटकों में से कुछ ने जगह-जगह पत्थरों पर अपने नाम लिखकर इन्हें न केवल छलनी, बल्कि बदसूरत भी कर दिया है। इससे पहले पर्यटक संगमरमर की दीवारों पर अपने नाम नुकीली चीजों से लिखकर जाते थे, पर स्टील की रेलिंग लगाकर पर्यटकों को दीवारों से दूर कर दिया गया। अब दीवारों की जगह कुछ लोग चमेली फर्श को बिगाड़ रहे हैं। बता दें कि लॉकडाउन में ताजमहल करीब 188 दिनों के लिए बंद हुआ था और प्रदूषण कम होने से इसकी चमक कई गुना बढ़ गई थी। ताजमहल की सुंदरता के लिए यहां कई प्रयास किए गए हैं। लेकिन सैलानियों के द्वारा अब पत्थरों पर नाम लिखने जैसी घटनाओं ने इसकी सुंदरता में दाग लगाने शुरू कर दिए हैं। यमुना नदी में प्रदूषण बढ़ने और पानी कम होने से फिर से कीड़ों ने भी ताजमहल पर हमला कर दिया है। उत्तरी दीवार पर यमुना किनारे के आर्च और दीवारों पर काले धब्बे पड़ गए हैं।
ताजमहल के चमेली फर्श पर लिखा नाम
- फोटो : अमर उजाला
दावा: रसायन विभाग से मदद लेकर मिटाए जाएंगे नाम
ताजमहल के चमेली फर्श पर कई पर्यटक नाम लिख गए हैं। अब हमने यहां अपने कर्मचारियों को तैनात कर निगरानी सख्त की है और सीआईएसएफ से भी कहा है कि सुरक्षा जांच के दौरान नुकीली चीजों को अंदर ले जाने से रोकें ताकि पर्यटक स्मारक को नुकसान न पहुंचाएं। रसायन विभाग से मदद लेकर पत्थरों पर उकेरे नामों को हटवाया जाएगा। - वसंत कुमार स्वर्णकार, अधीक्षण पुरातत्वविद
ताजमहल के चमेली फर्श पर कई पर्यटक नाम लिख गए हैं। अब हमने यहां अपने कर्मचारियों को तैनात कर निगरानी सख्त की है और सीआईएसएफ से भी कहा है कि सुरक्षा जांच के दौरान नुकीली चीजों को अंदर ले जाने से रोकें ताकि पर्यटक स्मारक को नुकसान न पहुंचाएं। रसायन विभाग से मदद लेकर पत्थरों पर उकेरे नामों को हटवाया जाएगा। - वसंत कुमार स्वर्णकार, अधीक्षण पुरातत्वविद
ताजमहल आगरा
- फोटो : अमर उजाला
अनूठा है ताज का चमेली फर्श
ताजमहल का चमेली फर्श बेहद अनूठा है, जिसमें लाल पत्थरों के बीच सफेद संगमरमर से ऐसी डिजाइन तैयार की गई है जो चमेली के फूलों की तरह से नजर आती है। रॉयल गेट से सेंट्रल टैंक होते हुए मुख्य गुंबद तक पहुंचने के लिए इसी चमेली फर्श से पर्यटकों को जाना पड़ता है।
ताजमहल का चमेली फर्श बेहद अनूठा है, जिसमें लाल पत्थरों के बीच सफेद संगमरमर से ऐसी डिजाइन तैयार की गई है जो चमेली के फूलों की तरह से नजर आती है। रॉयल गेट से सेंट्रल टैंक होते हुए मुख्य गुंबद तक पहुंचने के लिए इसी चमेली फर्श से पर्यटकों को जाना पड़ता है।
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ताजमहल पर युवतियां
- फोटो : अमर उजाला
चमेली फर्श से ऊपर मुख्य गुंबद पर शाहजहां मुमताज की कब्रों को देखने के लिए टिकट लगाया गया है। इसलिए ताज आने वाले 70 फीसदी पर्यटक चमेली फर्श से ही मुख्य गुंबद का यमुना किनारे होते हुए चक्कर लगाते हैं। दो सालों से चमेली फर्श के जर्जर पत्थरों को बदलने का काम चल रहा है।
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ताजमहल में सेल्फी खींचती महिला पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
हर साल गर्मी बढ़ने के साथ ही ताज पर गोल्डी काइरोनोमस कीड़ों का हमला होता रहा है। इस बार फरवरी में तापमान 30 डिग्री के पार जाने से कीड़ों के हमले में तेजी आई है। ताजमहल के उत्तरी दरवाजे की ओर चमेली फर्श और ऊपर मुख्य गुंबद की दीवार पर कीड़ों के निशान नजर आने लगे हैं। नालों से आ रही गंदगी और सीवर के कारण यमुना नदी में ताजमहल के पीछे लगभग दलदल बना हुआ है। यमुना जल में फास्फोरस ज्यादा होने से गोल्डी काइरोनोमस कीड़े ज्यादा तेजी से पनपते हैं। यह मुख्य गुंबद के संगमरमरी आर्च तक पहुंच गए हैं। यहां इन कीड़ों के स्राव के कारण काले और भूरे रंग के निशान संगमरमरी दीवारों पर दिखने लगे हैं। बीते साल लॉकडाउन के कारण मार्च-अप्रैल में यमुना का पानी साफ हुआ था, जिस वजह से कीड़े नहीं पनप पाए थे, पर इस बार फरवरी में ही कीड़े ताज पर धब्बा लगाने आ गए।