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एटा में तीन बच्चों की मौत: जीते जी रहे साथ, मौत के बाद भी साथ दफनाए गए तीनों, मंजर देख हर आंख हुई नम
Thu, 20 Oct 2022 10:21 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 20 Oct 2022 10:21 PM IST
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कौशल, गोविंद और सचिन (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में गुरुवार को दर्दनाक हादसा हुआ। मिट्टी की ढाय में दबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव में पहुंचे, तो चीत्कार मच गई।
घटनास्थल पहुंचे एसपी
- फोटो : अमर उजाला
गांव के प्रेम सिंह ने बताया कि बेटा कौशल बुधवार शाम तक घर नहीं पहुंचा तो उसे तलाशने निकले। एक जगह उसकी चप्पल और पेड़ पर कपड़े टंगे हुए दिखाई दिए। टीले के पास मिट्टी का उभार दिखा। इसे हटाया तो सबसे पहले सचिन का सिर दिखाई दिया। उसके नीचे गोविंद और किशोर का शव था। तीनों ही एक के नीचे एक दबे हुए थे। इससे उसकी हत्या की आशंका है। वहीं मृतक गोविंद के पिता लाल बहादुर ने बताया कि सुबह बेटा खेत पर पढ़ने जाने की कह रहा था। पत्नी ने उसे नाश्ता कराया। 10 रुपये भी दिए। उसके कपड़े पेड़ पर मिले। उसकी नाक से खून भी निकल रहा था। इससे हत्या की आशंका है।
पोस्टमार्टम ग्रह पहुंचे परिवार के लोग
- फोटो : अमर उजाला
अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि सभी तरह की संभावनाओं और आशंकाओं पर हर दृष्टिकोण से मौके पर जांच की गई और लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन हत्या की बात कहीं से भी सटीक नहीं बैठ रही। जिस छोटी सी जगह में किशोर खेल रहे थे, दबने पर इसी स्थिति में मिलना स्वाभाविक है। हत्या की स्थिति में कोई उनके कपड़े भी नहीं उतारता।
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बच्चों के शव आने के बाद गांव में लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
गांव में नहीं जले चूल्हे, हर आंख हुई नम
नया गांव थाना क्षेत्र के गांव फकीरपुरा में तीन दोस्तों की मौत से बुधवार और बृहस्पतिवार को घरों में चूल्हे नहीं सुलगे। मृतकों के घरों से करुण क्रंदन गूंजता रहा। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव में पहुंचे चीत्कार मच गई। शाम को शवों के अंतिम संस्कार के लिए उठते ही हर आंख नम हो गई। आसपास के लोगों का गांव में तांता लग गया।
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एक साथ दफनाए गए तीनों बच्चे
- फोटो : अमर उजाला