बड़े दिन (25 दिसंबर) से पहले ही सैलानियों को बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। इसके बाद रोज 10 हजार सैलानी ताजमहल का दीदार कर पाएंगे। फिलहाल यह संख्या पांच हजार तक सीमित है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने नए आदेश में इसे बढ़ाने का अधिकार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को दे दिया है। आगरा के एएसआई अधिकारी और जिलाधिकारी पहले ही सैलानियों की संख्या रोज 10 हजार करने का प्रस्ताव भेज चुके हैं। अधिकारियों को अब सिर्फ संस्कृति मंत्रालय के लिखित आदेश का इंतजार है। मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि आदेश जारी किया जा चुका है।
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बड़े दिन से पहले मिलेगा बड़ा तोहफा, रोज 10 हजार सैलानी कर सकेंगे ताजमहल का दीदार
Sun, 20 Dec 2020 09:22 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 20 Dec 2020 09:22 AM IST
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ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल में प्रवेश के लिए लगी पर्यटकों की कतार
- फोटो : अमर उजाला
पहले स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) में स्मारकों में रोज प्रवेश करने वाले सैलानियों की संख्या सीमित कर पांच हजार की गई थी। इस कैपिंग को हटाने की पर्यटन उद्यमी लगातार मांग कर रहे थे। ताज से हजारों सैलानी रोज मायूस लौट रहे थे। इन्हें टिकट नहीं मिल पा रहे थे। नई एसओपी में जिला प्रशासन और एएसआई के स्थानीय अधीक्षण पुरातत्वविद् को अधिकार दिया गया है कि वह सैलानियों की संख्या स्मारकों पर कोरोना संक्रमण के केस देखते हुए तय करें।
ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने बताया कि उन्होंने एएसआई के माध्यम से यह प्रस्ताव भिजवाया था। आगरा में संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है। ताज पर सैलानी बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए यह प्रस्ताव भिजवाया गया था। हालांकि मंत्रालय से लिखित आदेश नहीं आया है। इसके आने पर समीक्षा की जाएगी। उसके अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा।
सैलानियों की संख्या रोज दस हजार करने का भेजा था प्रस्ताव
एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने कहा कि कैपिंग को 5 से बढ़ाकर 10 हजार करने का प्रस्ताव दिया था। लिखित आदेश का इंतजार है।
सैलानियों की संख्या रोज दस हजार करने का भेजा था प्रस्ताव
एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने कहा कि कैपिंग को 5 से बढ़ाकर 10 हजार करने का प्रस्ताव दिया था। लिखित आदेश का इंतजार है।
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ताजमहल पर क्यूआर कोड स्कैन करते पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
'15,000 तक बढ़ाई जाए संख्या'
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने संस्कृति मंत्रालय के फैसले पर खुशी जताई और कहा कि वह लंबे समय से कैपिंग हटाने की मांग कर रहे थे। अब जबकि जिलाधिकारी और स्थानीय प्रशासन के पास कैपिंग तय करने का अधिकार है तो उनकी मांग है कि कैपिंग पूरी तरह से हटा दी जाए या फिर टिकटों की संख्या 15,000 तक कर दी जाए।
'सैलानियों की संख्या बढ़ेगी'
इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर के सुनील सी गुप्ता ने मंत्रालय के फैसले पर खुशी जताई और इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संगठन लगातार स्मारकों से कैपिंग हटाने की वकालत कर रहा था। इससे क्रिसमस से लेकर नव वर्ष तक सैलानियों का आगमन बढ़ेगा।
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने संस्कृति मंत्रालय के फैसले पर खुशी जताई और कहा कि वह लंबे समय से कैपिंग हटाने की मांग कर रहे थे। अब जबकि जिलाधिकारी और स्थानीय प्रशासन के पास कैपिंग तय करने का अधिकार है तो उनकी मांग है कि कैपिंग पूरी तरह से हटा दी जाए या फिर टिकटों की संख्या 15,000 तक कर दी जाए।
'सैलानियों की संख्या बढ़ेगी'
इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर के सुनील सी गुप्ता ने मंत्रालय के फैसले पर खुशी जताई और इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संगठन लगातार स्मारकों से कैपिंग हटाने की वकालत कर रहा था। इससे क्रिसमस से लेकर नव वर्ष तक सैलानियों का आगमन बढ़ेगा।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल में शनिवार को फिर से टिकटों की मारामारी मची रही। शनिवार के टिकट सुबह 7 बजे और दोपहर के स्लॉट के 11 बजे ही बुक हो गए। दोपहर 12 बजे के बाद जो सैलानी ताज आए, उन्हें टिकट नहीं मिलने पर निराश होना पड़ा। कई सैलानियों की गेट पर मौजूद एएसआई कर्मचारियों से तड़काभडकी भी हुई। सैलानियों को उन्होंने दशहरा घाट और महताब बाग से ताज का दीदार करने की सलाह दी। मायूस पर्यटक व्यवस्थाओं को कोसते हुए गए।