सूरज की पहली सुनहरी किरण जैसे ही श्वेत, धवल संगमरमरी ताजमहल के गुंबद पर पड़ी तो सोने की तरह से दमकता ताजमहल आंखों में बस गया। सूर्योदय के समय संगमरमर पर सूरज की रोशनी बढ़ती गई, वैसे वैसे ताजमहल का रूप निखरता चला गया। लॉकडाउन में प्रदूषण कम होने के साथ ही मडपैक ट्रीटमेंट से धवल नजर आ रहे ताजमहल को 40 साल पहले 1980 में जिस तरह से देखा था ठीक वही नजारा पर्यटकों को सोमवार को नजर आया।
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ताजमहल: सुनहरी किरणों से खिल उठा संगमरमरी हुस्न, 40 साल पहले जैसा दिखा नजारा
Tue, 22 Sep 2020 12:10 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 22 Sep 2020 12:10 AM IST
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सुनहरा ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
सैलानी बोले, 40 साल पहले जैसा धवल दिखा ताज
19 बार ताजमहल आ चुके चीनी पर्यटक लियांग चेंग के लिए ताजमहल का यह रूप अनूठा रहा। उन्होंने 1980 में ताज को जिस तरह से देखा, वही सौंदर्य सोमवार को दिखा। टूर गाइड राजीव सक्सेना ने कहा कि मैंने 1985 में जब ताजमहल देखा था, तब इतनी ही भीड़ और इतना ही साफ धवल नजर आता था। बाद में भीड़ बढ़ने पर ताजमहल में अवस्थाएं हो गई, लेकिन आज 40 साल के बाद उसी ताज को देखा, जिसकी झलक मेरे दिल में समा गई थी।
ताजमहल में सेल्फी लेते पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
जयपुर के अखिलेश ने कहा कि बचपन में मैंने जैसा ताज देखा था यह बिल्कुल वैसा ही है। तब भी भीड़ नहीं थी और आज भी भीड़ नहीं थी। टीवी पर इसके पीले पड़ने और भीड़ देखकर अच्छा नहीं लगता था।
चेन्नई के एन. विनोद ने कहा कि ताजमहल देखकर वीआईपी होने का एहसास हुआ। एक बार भारी भीड़ के कारण गुंबद के पास लाइन में घंटो लगकर मुझे लौटना पड़ा था। ऐसा ही ताज बना रहे तो कितना अच्छा रहे।
चेन्नई के एन. विनोद ने कहा कि ताजमहल देखकर वीआईपी होने का एहसास हुआ। एक बार भारी भीड़ के कारण गुंबद के पास लाइन में घंटो लगकर मुझे लौटना पड़ा था। ऐसा ही ताज बना रहे तो कितना अच्छा रहे।
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ताजमहल को निहारते विदेशी सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
प्रवेश टिकट के बाद नहीं ले सके मुख्य गुंबद की टिकट
ताजमहल में अधिकांश पर्यटकों ने मुख्य गुंबद की 200 रुपये की टिकट के साथ ही प्रवेश टिकट खरीदा लेकिन कई पर्यटक ऐसे रहे जिन्होंने केवल प्रवेश करने के लिए ही टिकट बुक किया। इनमें से चीन के लियांग चेंग भी रहे जिन्होंने सबसे पहले ताज का दीदार किया, लेकिन वह 1100 रुपये वाली प्रवेश टिकट ही ले पाए। मुख्य गुंबद पर पहुंचे तो वहां 200 रुपये की अतिरिक्त टिकट नहीं ले पाए। उन्होंने नकदी देकर टिकट लेना चाहा लेकिन नकद में टिकट लेने की व्यवस्था नही है। चेंग की तरह ही कई पर्यटक ऐसे रहे जिन्हें मुख्य गुंबद का टिकट नहीं मिल पाया।
ताजमहल में अधिकांश पर्यटकों ने मुख्य गुंबद की 200 रुपये की टिकट के साथ ही प्रवेश टिकट खरीदा लेकिन कई पर्यटक ऐसे रहे जिन्होंने केवल प्रवेश करने के लिए ही टिकट बुक किया। इनमें से चीन के लियांग चेंग भी रहे जिन्होंने सबसे पहले ताज का दीदार किया, लेकिन वह 1100 रुपये वाली प्रवेश टिकट ही ले पाए। मुख्य गुंबद पर पहुंचे तो वहां 200 रुपये की अतिरिक्त टिकट नहीं ले पाए। उन्होंने नकदी देकर टिकट लेना चाहा लेकिन नकद में टिकट लेने की व्यवस्था नही है। चेंग की तरह ही कई पर्यटक ऐसे रहे जिन्हें मुख्य गुंबद का टिकट नहीं मिल पाया।
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आगरा किले के सामने सेल्फी खिंचता पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
आगरा किला में दिवाकर गौतम रहे पहले पर्यटक
आगरा किला में बरेली से आए दिवाकर गौतम पहले पर्यटक बने, जिन्होंने छह महीने बाद आगरा किला में प्रवेश किया। दिवाकर के मुताबिक वह शाहजहां के कैद स्थल और उन जगहों को देखना चाहते थे जहां से मुगल शहंशाहों ने पूरे देश पर हुकूमत चलाई।
आगरा किला में बरेली से आए दिवाकर गौतम पहले पर्यटक बने, जिन्होंने छह महीने बाद आगरा किला में प्रवेश किया। दिवाकर के मुताबिक वह शाहजहां के कैद स्थल और उन जगहों को देखना चाहते थे जहां से मुगल शहंशाहों ने पूरे देश पर हुकूमत चलाई।