सोमवार को ताजमहल पर्यटकों के लिए खोले जाने के बाद इससे जुड़े करीब चार लाख लोगों की जिंदगी में उम्मीदों का नया सवेरा होगा। लंबे समय से बेकार पड़े हाथों को फिर रोजगार मिलेगा। मार्बल इनले, जरदोजी, रेस्त्रां जैसे कारोबार एक बार फिर पहले जैसे खड़े हो सकेंगे। होटल उद्यमी, फोटोग्राफर, गाइड भी मोहब्बत की निशानी में पर्यटकों का स्वागत करने को तैयार हैं। 188 दिन बाद ताज का दीदार फिर से शुरू हुआ है।
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मार्बल के बने ताजमहल
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आगरा में मार्बल इनले, जरदोजी, रेस्त्रां तीनों ही कारोबार काफी हद तक पर्यटन पर निर्भर हैं। खासतौर पर मार्बल इनले और जरदोजी। दोनों से औसतन दो लाख लोग रोजगार पाते हैं। लगभग 535 करोड़ रुपये का कारोबार मिलता है। कुछ ऐसा ही रेस्त्रां कारोबार के साथ है। शहर में औसतन 500 रेस्त्रां हैं जिनमें देसी-विदेशी पर्यटकों का आवागमन बना रहता है।
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ताजमहल
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कम होगी नकारात्मकता
जरदोजी एसोसिएशन के संस्थापक फैजानुद्धीन ने कहा कि ताजमहल खुलने से उद्योग जगत में फैली नकारात्मकता कम होगी। जरदोजी उद्योग से जुड़े 50 हजार लोगों को फायदा पहुंचेगा। शहर में ऐसे करीब 100 शोरूम हैं, जहां पर्यटकों का आवागमन बढे़गा। 35 करोड़ रुपये का कारोबार मिलेगा।
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एंपोरियम में सफाई करते संचालक
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हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अस्थाना ने कहा कि मार्बल इनले उद्योग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लगभग एक लाख लोगों को फायदा मिलेगा। पच्चीकारी, सादेकारी, कार्विंग जैसे काम शुरू हो सकेंगे। करीब 500 करोड़ का कारोबार हो सकता है। हालांकि हालात सामान्य करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू की जानी जरूरी है।
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ताजमहल आगरा: लॉकडाउन से पहले की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहा ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियां कारोबार के लिए अनुकूल नहीं कही जा सकती। क्योंकि महामारी लगातार बढ़ रही। वहीं, स्मारक खुलने से शहरभर के लगभग 500 रेस्त्रां को ग्राहक मिलने की उम्मीद है। इनसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर औसतन दो लाख लोगों को रोजगार जुड़ा है। बीते छह माह 50 करोड़ का नुकसान हो चुका है।