बटेश्वर के राम जानकी घाट पर सोमवार को स्नान करते समय तीन दोस्त आशीष (19), आयुष (16) और कन्हैया (19) यमुना नदी में डूबने से मौत हो गई। ये आपस में रिश्तेदार भी थे। जबकि चौथा युवक घाट के किनारे उन्हें बचाने के लिए गुहार लगाता रहा। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोर तीनों युवकों के शव बरामद कर सके। जान गंवाने वाले तीनों दोस्त फौजी बनने का सपना पाले थे। परिजनों ने बताया कि इसके लिए पढ़ाई के साथ रोजाना दौड़ भी लगाते थे। पर, हादसे ने मौत के साथ इनका सपना भी डूब गया। सौरभ के पिता पूरन और अन्य परिजनों ने बताया कि सौरभ ने इस साल 11वीं की परीक्षा पास की थी। वहीं आयुष ने नौंवी और कन्हैया ने 12वीं की परीक्षा पास की थी। रोते बिलखते पूरन ने बताया कि रोके जाने के बाद चारों नहीं माने थे। कहा कि तीनों को उनकी मौत ही यहां खींच ले आई थी।
Agra News: यमुना की ओर इस तरह खींच ले गई मौत, तीनों दोस्त देख रहे थे फौजी बनने का सपना, रुला देंगी ये तस्वीरें
रोते रोते पिता की आंखें सूखी
फतेहाबाद के मोहल्ला कछियान निवासी और सब्जी विक्रेता पूरन सिंह के इकलौते बेटे सौरभ की मौत के साथ ही उनके घर का चिराग बुझ गया। बेटे का शव देख पूरन की आंखें सूख गईं। उन्होंने बताया कि सौरभ उनका इकलौता बेटा था। बेटी दीपिका है। बेटे की मौत के सदमे में पूरन जहां गुमसुम बैठे थे वहीं मां पिंकी और बहन बेसुध हो गईं।
चीखता रहा आशीष
राम जानकी घाट पर तीन दोस्तों के डूबने पर चौथा दोस्त आशीष उन्हें बचाने के लिए आधा घंटा तक चीखता रहा, कोई यमुना में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। हादसे के चश्मदीद आशीष ने बताया कि पहले आयुष पत्थर पर लगी काई से फिसल कर गहरे पानी में डूबा। उसे बचाने नदी में उतरे कन्हैया और सौरभ भी हिचकोले खाने लगे तो उसने नदी से बाहर निकल कर घाट पर मदद के लिए चीख पुकार मचाई।
सिपाही ने कर दिए थे हाथ खड़े
आशीष के मुताबिक घाट पर मौजूद सिपाही ने भी हाथ खडे़ कर दिए थे। एक नाव वाले ने पांच मिनट इधर उधर नाव ले जाकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी हिम्मत भी जवाब दे गई। करीब आधा घंटे बाद पुलिस और स्थानीय गोताखोर पहुंचे। तब कहीं जाकर नदी में डूबे दोस्तों के शव बाहर निकाले जा सके।
हादसे की सूचना से शोक में डूबा गांव
तीन दोस्तों की मौत से फतेहाबाद के पीताबाई पोखर शोक में डूब गया। मोहल्ला कछियान और बोदला में भी मातम पसर गया है। हादसे की जानकारी होते ही बोदला और फतेहाबाद से परिजन और पड़ोसी आनन फानन में बटेश्वर पहुंचे। तीनों के शव बरामद होने तक काफी संख्या में लोग बटेश्वर के घाट पर पहुंच गए थे।